Lifestyle Desk :- क्या आपके चेहरे पर भी छोटे-छोटे सफेद दाने नजर आने लगे हैं? अगर हां, तो यह व्हाइटहेड्स हो सकते हैं। अक्सर नाक, माथे, ठुड्डी और गालों पर दिखाई देने वाले ये दाने त्वचा की खूबसूरती को प्रभावित कर सकते हैं। कई लोग इनसे छुटकारा पाने के लिए बार-बार चेहरा धोते हैं या नाखूनों से इन्हें निकालने की कोशिश करते हैं। लेकिन ऐसा करना त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।

ऐसे में जरूरी है कि व्हाइटहेड्स के कारणों को समझकर सही स्किन केयर रूटीन अपनाया जाए।व्हाइटहेड्स मुंहासों का ही एक प्रकार हैं। जब त्वचा के रोमछिद्रों में सीबम यानी प्राकृतिक तेल और मृत त्वचा कोशिकाएं जमा होकर रास्ता बंद कर देती हैं, तो छोटे सफेद या त्वचा के रंग के उभरे हुए दाने बन सकते हैं। आइए जानते हैं व्हाइटहेड्स से छुटकारा पाने के लिए कौन-से उपाय मददगार हो सकते हैं।

दिन में दो बार करें चेहरा साफ
व्हाइटहेड्स की समस्या होने पर त्वचा की सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए दिन में दो बार माइल्ड और नॉन-कॉमेडोजेनिक फेस वॉश का इस्तेमाल करें। ऐसा क्लींजर चुनें, जो त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी को हटाए, लेकिन त्वचा को जरूरत से ज्यादा रूखा न बनाए। बार-बार चेहरा धोने या जोर से रगड़ने से जलन बढ़ सकती है।

सैलिसिलिक एसिड हो सकता है मददगार
सैलिसिलिक एसिड एक ऐसा स्किन केयर इंग्रीडिएंट है, जो रोमछिद्रों में जमा अतिरिक्त तेल और मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। व्हाइटहेड्स और बंद रोमछिद्रों की समस्या में इसका इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है। शुरुआत कम सांद्रता वाले उत्पाद से करें और इसे धीरे-धीरे रूटीन में शामिल करें। यदि त्वचा पर जलन, लालिमा या अत्यधिक रूखापन हो, तो इसका इस्तेमाल रोक दें।

मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें
कई लोग सोचते हैं कि तैलीय त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाने की जरूरत नहीं होती, लेकिन ऐसा नहीं है। त्वचा को हाइड्रेट रखना जरूरी है। व्हाइटहेड्स की समस्या होने पर हल्का, ऑयल-फ्री और नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर चुनें। इससे त्वचा का नमी संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

व्हाइटहेड्स को नाखूनों से न दबाएं
चेहरे पर दिखने वाले सफेद दानों को देखकर उन्हें दबाने या नाखूनों से निकालने का मन कर सकता है। लेकिन ऐसा करने से सूजन, संक्रमण, त्वचा पर निशान और मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए व्हाइटहेड्स को खुद से निकालने के बजाय सही स्किन केयर अपनाएं। जरूरत पड़ने पर डर्मेटोलॉजिस्ट से पेशेवर उपचार लें।

सनस्क्रीन का करें इस्तेमाल
त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाएं। ऐसा सनस्क्रीन चुनें, जो नॉन-कॉमेडोजेनिक हो। धूप से त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाव करना जरूरी है, खासकर तब जब आप सैलिसिलिक एसिड जैसे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल कर रहे हों।

स्किन केयर में न करें ये गलतियां
व्हाइटहेड्स से छुटकारा पाने के लिए एक साथ कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स इस्तेमाल न करें। कठोर स्क्रब, बार-बार एक्सफोलिएशन और नींबू या टूथपेस्ट जैसे घरेलू नुस्खों से बचें। मेकअप करने पर सोने से पहले उसे अच्छी तरह साफ करें और ऐसे उत्पाद चुनें, जो रोमछिद्रों को बंद न करें।

कब दिखाएं डर्मेटोलॉजिस्ट को?
अगर व्हाइटहेड्स लगातार बढ़ रहे हैं, उनमें सूजन या दर्द है, निशान पड़ रहे हैं या कई सप्ताह तक सही स्किन केयर अपनाने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। डॉक्टर त्वचा की स्थिति के अनुसार रेटिनॉइड या अन्य उपचार सुझा सकते हैं। गर्भावस्था या गर्भधारण की योजना के दौरान रेटिनॉइड का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।