नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर 34 दिनों से जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बताया। केजरीवाल ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर छात्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका शांतिपूर्ण संघर्ष रंग लाया है।

AAP प्रमुख ने विशेष रूप से जेन-ज़ी (Gen Z) और आंदोलन में शामिल छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और लगातार संघर्ष करने का परिणाम आज देखने को मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधारों की दिशा में भी ठोस कदम उठाएगी।

अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह युवाओं और जेन-ज़ी के लंबे संघर्ष की जीत है और लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। केजरीवाल ने कहा, “आप सबको बहुत-बहुत-बहुत बधाई। युवाओं और जेन-ज़ी को बहुत बधाई। आप लोगों का संघर्ष रंग लाया। धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा। यह लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है।” उन्होंने आगे कहा कि लोगों का लोकतंत्र से भरोसा कमजोर पड़ने लगा था क्योंकि उन्हें लगता था कि सरकारें जनता की आवाज नहीं सुनतीं। उनके अनुसार, जनता अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने लगातार अपील करती रही, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी जाती थी। केजरीवाल ने कहा कि इतने लंबे संघर्ष के बाद सरकार को झुकना पड़ा और यह साबित हुआ कि लोकतांत्रिक तरीके से किया गया जनआंदोलन बदलाव ला सकता है।

केजरीवाल ने कहा- सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी

अरविंद केजरीवाल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि लंबे आंदोलन के बाद सरकार को जनता के सामने झुकना पड़ा, जिसे उन्होंने लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा, “इतना बड़ा आंदोलन हुआ और आखिरकार सरकार के अहंकार को जनता के सामने झुकना पड़ा। यह बहुत बड़ी जीत है। जनतंत्र की जीत है। अब सरकार को भी समझ लेना चाहिए कि आपको जनता की सुननी पड़ेगी। यह लोकतंत्र है, जो जनता का, जनता के लिए और जनता के द्वारा चलता है।” केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार अब नीट परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार करेगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें इस तरह की परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।”जय हिंद” कहा।

संजय सिंह ने छात्रों और युवाओं को दी बधाई

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों और युवाओं को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे युवाओं के आंदोलन की जीत बताया। संजय सिंह ने लिखा, “युवा शक्ति जिंदाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद। जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है। देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत कुंभकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर किया।” उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक के मुद्दे से शुरू हुआ यह आंदोलन अब रोजगार जैसे बड़े सवालों तक पहुंचेगा। उनके अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद सरकारों में जवाबदेही तय करने की परंपरा और मजबूत होगी। अपने संदेश के अंत में उन्होंने आंदोलन की सफलता पर सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए “जय हिंद” कहा।

एक महीने से जारी था आंदोलन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्रों का आंदोलन एक महीने से अधिक समय से जारी था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने लगातार जवाबदेही की मांग करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन के समय पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस घटना में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें सामने आईं। इसके बाद आंदोलन ने और गति पकड़ी तथा देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र और युवा प्रदर्शन में शामिल होने लगे। आंदोलन को लेकर विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरना शुरू किया और संसद के भीतर तथा बाहर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ता गया।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार दोपहर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष लगातार संसद के दोनों सदनों में प्रदर्शन कर रहा था। इसी मुद्दे पर हुए हंगामे के कारण मानसून सत्र के दौरान अब तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और कई बार स्थगित करनी पड़ी। अब शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि संसद में जारी गतिरोध खत्म हो सकता है और सोमवार से लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यवाही सामान्य रूप से संचालित होने का रास्ता साफ हो सकता है। विपक्ष की ओर से लंबे समय से इस मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।

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