Asaduddin Owaisi Attack On BJP-RSS Over Form 7: चुनाव वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) में मतभेद पर खुलासे के बाद से पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है और हर दिन प्रदर्शन कर रही है। इन प्रदर्शनों ने चुनाव आयोग को बैकफुट पर ला दिया है। आयोग अब अपपने फैसलों को वापस ले रहा या संशोधित कर रहा है। फॉम-6 को लेकर विपक्ष ने जमकर बवाल किया। इसके कारण आयोग को इसमें से कुछ प्वाइंट को हटाना पड़ा। अब फॉर्म-6 (Form 6) के बाद फॉर्म-7 (Form 7) पर भी बवाल हो गया है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि Form 7 के जरिए मुस्लिम मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं।
ओवैसी ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बीजेपी के कार्यकर्ता फॉर्म-7 जमा करके मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटवाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा जारी रहा तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
AIMIM चीफ ने शनिवार रात हैदराबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग और तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को प्रिंटेड फॉर्म-7 जमा करके मतदाताओं के नाम हटवाने की कोशिशों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि फॉर्म-7 जमा करने वाले व्यक्ति का नाम नहीं बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को हर फॉर्म-7 की जांच करनी चाहिए और पता लगाना चाहिए कि मतदाताओं के नाम हटवाने के लिए आवेदन कौन जमा कर रहा है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि हैदराबाद के मुशीराबाद में बीजेपी के एक बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) ने मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 जमा किया था। उन्होंने कहा कि अगर गलत फॉर्म-7 जमा किए जाते हैं, तो निर्वाचन आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए। ओवैसी ने चेतावनी दी कि हैदराबाद में दिल्ली और मुंबई में हुए विरोध-प्रदर्शनों से दोगुना या तीन गुना बड़े विरोध-प्रदर्शन होंगे। एआईएमआईएम प्रमुख ने दावा किया कि एसआईआर एक गलत प्रक्रिया है।
बता दें कि फॉर्म-7 एक मतदाता आवेदन फॉर्म है, जिसका इस्तेमाल मौजूदा मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताने के लिए किया जाता है।
बीजेपी ने ओवैसी पर किया पलटवार
ओवैसी के इन आरोपों का जवाब देते हुए कि बीजेपी और संघ परिवार के कार्यकर्ता असली मतदाताओं के नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 भर रहे हैं। तेलंगाना बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता एनवी सुभाष ने कहा कि कानूनी पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को पता होना चाहिए कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ गंभीर आरोप सिर्फ सार्वजनिक बयानों से साबित नहीं किए जा सकते। सुभाष ने कहा कि अगर ओवैसी के पास चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के ठोस सबूत हैं, तो उन्हें उचित न्यायिक मंच पर जाने से कौन रोक रहा है? वह सार्वजनिक रूप से आरोप लगाकर क्यों रुक जाते हैं? उन्हें सक्षम अधिकारियों के सामने सबूत पेश करने चाहिए और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।
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