पानीपत पुलिस ने आसाराम बापू केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला को एक सरपंच से 70 लाख रुपए की वसूली और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में महेंद्र के भाई और भतीजे को भी पकड़ा गया है, जबकि उनकी मां पर एफआईआर दर्ज हुई है।

पानीपत। जिले में आसाराम केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला को पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महेंद्र ने एक सरपंच को डरा-धमकाकर उससे 70 लाख रुपए ऐंठ लिए। चौंकाने वाली बात यह है कि भारी-भरकम रकम लेने के बावजूद आरोपी 80 लाख रुपए की और डिमांड कर रहा था। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल (Viral Video) हुआ, जिसमें एक शख्स बैग में भारी कैश ले जाता दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह महेंद्र का भाई है जो एक बिचौलिए के घर से पैसे लेकर निकला था।

भाई और भतीजा भी गिरफ्तार, मां पर FIR

सीआईए (CIA) पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महेंद्र चावला, उसके भाई देवेंद्र और भतीजे राम को भी गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं, पुलिस ने महेंद्र की मां गोपाली देवी के खिलाफ भी एफआईआर (FIR) दर्ज की है। महेंद्र चावला का इतिहास काफी पुराना रहा है; वह साल 1996 में आसाराम से जुड़ा था और अहमदाबाद व सूरत के आश्रमों में रह चुका है। साल 2013 में जब आसाराम पर नाबालिग के यौन शोषण का आरोप लगा, तब महेंद्र मुख्य गवाह के रूप में सामने आया था। इसी गवाही के चलते उसे पुलिस सिक्योरिटी भी मिली हुई थी, जिसका अब दुरुपयोग करने का आरोप लगा है।

आश्रम के जुड़ाव से जेल तक का सफर

महेंद्र चावला 2008 में आसाराम के आश्रम में दो बच्चों की मौत की घटना के बाद से ही विवादों में रहा है। उसने खुद को ‘अन्याय के खिलाफ लड़ने वाला’ बताया था, लेकिन अब भ्रष्टाचार के आरोपों ने उसकी छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पानीपत के सनौली खुर्द का रहने वाला महेंद्र साल 2019 में एक हमले का शिकार भी हुआ था, जिसके बाद उसकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महेंद्र ने सरकारी सुरक्षा के साये में और कितने लोगों को ब्लैकमेल किया है। पुलिस का कहना है कि सबूत पुख्ता हैं और जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट पेश की जाएगी।