हरियाणा के हांसी में पेयजल आपूर्ति को लेकर शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच विवाद काफी बढ़ गया है। चैनत गांव के ग्रामीण जहां पाइपलाइन से कनेक्शन की मांग पर अड़े हैं, वहीं शहरवासी अपनी पानी की कमी का हवाला देकर इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं।
नवीन शर्मा, हांसी। पानी की किल्लत को लेकर अब विवाद बेहद गंभीर हो गया है, जिसमें अब ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरवासी भी खुलकर मैदान में उतर आए हैं। हांसी के समीपवर्ती चैनत गांव के ग्रामीण पिछले 17 दिनों से लगातार अपनी पेयजल मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। आंदोलन कर रहे इन ग्रामीणों की मुख्य मांग यह है कि हांसी शहर के लिए विशेष रूप से बिछाई जा रही नई पेयजल पाइपलाइन से उनके गांव को भी पानी का सीधा कनेक्शन दिया जाए। इस मांग को मनवाने के लिए ग्रामीण लगातार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने सख्त रुख पर कायम हैं।

शहरवासियों ने पाइपलाइन कनेक्शन का किया विरोध
वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण आंदोलन के जवाब में अब हांसी शहर के निवासियों ने भी अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शहर के लोगों का साफ कहना है कि हांसी स्वयं लंबे समय से भयंकर पेयजल संकट से जूझ रहा है और नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में शहर के लिए विशेष रूप से स्वीकृत की गई मुख्य पाइपलाइन से गांवों को नया कनेक्शन देना किसी भी कीमत पर उचित नहीं होगा। शहरवासी कृष्ण इलावादी ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारी मांग है कि प्रशासन ग्रामीणों को अलग से पेयजल लाइन उपलब्ध करवाए, लेकिन शहर के हिस्से के पानी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

प्रशासन के सामने समाधान की बड़ी चुनौती
इस पूरे पेयजल विवाद को लेकर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अजय सैनी ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि यदि शहर के लोगों की जायज मांगों की अनदेखी की गई, तो वे भी मजबूरन सड़क पर उतरकर बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। उनका तर्क है कि गांवों को भी पानी मिलना चाहिए, लेकिन इसके लिए सरकार को अलग से पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए ताकि शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की जरूरतें बिना किसी टकराव के पूरी हो सकें। अब इस संवेदनशील मामले में स्थानीय प्रशासन और सरकार के सामने दोनों पक्षों को शांत रखकर एक सर्वमान्य समाधान निकालने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

