Ashok Gehlot vs Bhajanlal Sharma: राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच खाद-बीज की दुकान को लेकर शुरू हुई सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शुक्रवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में गहलोत ने मुख्यमंत्री के आरोपों पर पलटवार करते हुए सबूत पेश करने या सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने खाद-बीज की दुकान खोली थी, तब भजनलाल शर्मा महज पांच साल के थे। ऐसे में मुख्यमंत्री को उस दुकान के बारे में जानकारी कहां से मिली? गहलोत ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
खाद की दुकान पर विवाद, गहलोत ने CM से मांगे सबूत
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन पर आरोप लगाए हैं तो अब उन्हें इन आरोपों का आधार, तथ्य और सबूत जनता के सामने रखने चाहिए। यदि आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं है तो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
गहलोत ने कहा कि जब उन्होंने खाद-बीज की दुकान शुरू की थी, उस समय भजनलाल शर्मा की उम्र करीब पांच साल थी। उन्होंने सवाल किया कि मुख्यमंत्री को कैसे पता चला कि उस दुकान में क्या होता था और उन्हें इस बारे में किसने जानकारी दी? गहलोत ने यूरिया के भारत में आने के समय का भी जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री की जानकारी पर सवाल उठाए।
दिल्ली के इशारे पर बयान दे रहे हैं भजनलाल?
गहलोत ने मुख्यमंत्री के बयानों को लेकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संभव है कि मुख्यमंत्री दिल्ली के आलाकमान को खुश करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हों या उन्हें वहां से ब्रीफ किया गया हो।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री खुद बोल रहे हैं या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अथवा किसी अन्य नेता के कहने पर बयान दे रहे हैं, इसकी सच्चाई भजनलाल शर्मा ही बता सकते हैं। गहलोत ने आरोप लगाया कि बिना तथ्यों के किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाना उचित नहीं है। यदि मुख्यमंत्री के पास सबूत नहीं हैं तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
‘मुख्यमंत्री से ऐसी उम्मीद नहीं थी, आज भी मन में दुख है’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जोधपुर में भजनलाल शर्मा ने उनके बारे में जो बातें कही थीं, उनसे उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्हें मुख्यमंत्री से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं थी।
गहलोत के मुताबिक, भजनलाल शर्मा से उनकी दो बार मुलाकात हुई और दोनों ही बार बातचीत अच्छी रही। उनके मन में मुख्यमंत्री के प्रति कोई व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार की नीतियों, फैसलों और कार्यशैली पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने कहा कि सरकार को विपक्ष की बातों को सकारात्मक रूप से लेना चाहिए। यदि किसी मुद्दे पर विपक्ष की बात सही है तो उसमें सुधार किया जाना चाहिए, क्योंकि इसका फायदा अंततः जनता को ही मिलेगा।
पांच साल तक सरकार से सवाल पूछता रहेगा विपक्ष
गहलोत ने मुख्यमंत्री के बोलने के अंदाज पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का बोलने का तरीका लीक से हटकर है। यदि उन्हें प्रदेश में पांच साल तक सरकार चलानी है तो विपक्ष भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सरकार के कामकाज और कुशासन पर सवाल उठाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार को उसकी कमियां बताना है। यह जिम्मेदारी केवल सरकार के दो साल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पांच साल जारी रहेगी।
लोकतंत्र बचाओ रैली पर भी भाजपा को घेरा
अशोक गहलोत ने भाजपा की ओर से देशभर में निकाली जा रही लोकतंत्र बचाओ रैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करीब 80 साल में पहली बार ऐसा देख रहे हैं कि सत्ता पक्ष के नेता विपक्ष के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं।
गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा महंगाई, बेरोजगारी, काला धन और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे मुद्दों पर किए गए वादे पूरे नहीं कर पाई है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका और असम व राजस्थान में हुए परिसीमन का भी जिक्र करते हुए भाजपा की मंशा पर सवाल उठाए।
शांतिपूर्ण आंदोलनों पर अराजकता के आरोप क्यों?
गहलोत ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन और जेन-जी की ओर से देशभर में आंदोलन किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, इन प्रदर्शनों में हिंसा या अराजकता की घटनाएं नहीं हुई हैं। ऐसे में भाजपा के नेता लगातार अराजकता की बात क्यों कर रहे हैं?
उन्होंने भाजपा नेताओं के उन बयानों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति या तख्तापलट की कोशिशों की आशंका जताई जा रही है। गहलोत ने कहा कि इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए इस तरह की बातें कर रहे हैं।
पढ़ें ये खबरें
- अमित शाह और धामी ने 15 विभूतियों को किया सम्मानित, खंडूड़ी को मरणोपरांत मिला उत्तराखंड गौरव सम्मान
- सुधाकर सिंह हिरासत में लेने के मामले में लोकसभा स्पीकर का एक्शन, नवादा DM-SP पर जांच के आदेश
- EICMA 2026: देश-दुनिया की 5 दमदार बाइक्स से उठा पर्दा, हीरो से लेकर रॉयल एनफील्ड के मॉडल शामिल
- विधायक के बंगले में चोरी, खिड़की के सरिए तोड़कर घुसे चोर, LED टीवी-ड्रायफ्रूट्स के डिब्बे और चश्मा ले गए
- दिवाली पर ट्रेनों में पटाखे ले जाने पर सख्त बैन: ईस्ट कोस्ट रेलवे रायगड़ा मंडल ने दी चेतावनी, पकड़े जाने पर होगी जेल
