Ashok Gehlot News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), भाजपा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने संघ पर अंग्रेजों के साथ मिले होने के आरोप लगाए और कहा कि आजादी के समय भाजपा अस्तित्व में नहीं थी, जनसंघ का गठन आजादी के बाद हुआ। गहलोत ने वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल से जुड़े मामले, विला खरीद और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर केंद्र सरकार को घेरा।

‘अंग्रेजों से मिले होने का इतिहास RSS का’

गहलोत ने आरोप लगाया कि RSS के लोग भाजपा से जुड़े रहे हैं और अंग्रेजों के साथ मिले होने का इतिहास संघ का है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के समय भाजपा नहीं थी और जनसंघ का उदय आजादी के बाद हुआ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जनसंघ और RSS से जुड़े लोगों ने सत्ता में आने के लिए अपनी विचारधारा से समझौता किया और जनता पार्टी में अपनी विचारधारा तथा झंडे का विलय कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 10-10 साल तक जेल में बिताए, जबकि उनके आरोप के मुताबिक संघ के लोग अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे।

गहलोत ने कहा कि आज सरकार से सवाल पूछने वालों को देशद्रोही ठहरा दिया जाता है। उन्होंने न्यायपालिका, जांच एजेंसियों और चुनाव आयोग पर भी दबाव में काम करने का आरोप लगाया। युवाओं से उन्होंने इंदिरा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का अध्ययन करने की अपील की, ताकि वे देश की आजादी में अलग-अलग नेताओं की भूमिका को समझकर अपनी विचारधारा तय कर सकें।

शिखर अग्रवाल मामले में मुख्यमंत्री से मांगा जवाब

वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ ACB में मामला दर्ज होने पर भी गहलोत ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ACB मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अधीन है, इसलिए केवल मामला दर्ज होने से आगे की जांच किस दिशा में बढ़ेगी, इसे लेकर संशय है।

गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी आरोप लगाए और कहा कि एक कंपनी के पक्ष में फैसला होने को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने दावा किया कि शिखर अग्रवाल मुख्यमंत्री के सबसे करीबी अधिकारियों में रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने उस विवाद का भी जिक्र किया, जिसके बारे में उनका कहना है कि वह मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुआ था। गहलोत ने मांग की कि मुख्यमंत्री खुद सामने आकर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करें या उस समय मौजूद लोग घटनाक्रम के बारे में बताएं।

विला खरीद और कीमतों को लेकर भी उठाए सवाल

गहलोत ने विला खरीद के मामले में भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि 6.40 करोड़ रुपये में विला खरीदे जाने और एक विला 15 लाख रुपये में मिलने के बाद उसे लीज पर दिए जाने को लेकर सवाल हैं।

उन्होंने पत्रकारों के लिए 75 लाख रुपये में फ्लैट और शिखर अग्रवाल के लिए 15 लाख रुपये में विला मिलने का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या ऐसी योजना सभी लोगों के लिए उपलब्ध है या केवल कुछ लोगों को इसका फायदा मिला। गहलोत ने मुख्यमंत्री से इस मामले में जवाब देने की मांग की।

ACB की कार्यप्रणाली पर भी लगाए आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने ACB की महिला एडीजी और विभाग के डीजी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। गहलोत का आरोप है कि महिला एडीजी अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने के लिए दबाव बनाती हैं, जबकि ACB के डीजी दबाव में काम कर रहे हैं।

उन्होंने पूर्व मंत्री महेश जोशी के मामले का हवाला देते हुए दावा किया कि जांच अधिकारी ने केस नहीं बनने की बात कही थी, लेकिन डीजी ने अपने ऊपर दबाव होने की बात कही। ये आरोप गहलोत ने मीडिया से बातचीत के दौरान लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी को जबरन परेशान करना गलत है।

मणिपुर हिंसा पर केंद्र सरकार को घेरा

गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तारीफ करते हुए उन्हें मजबूत नेतृत्व वाली नेता बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में इंदिरा गांधी को दुर्गा कहा था। गहलोत ने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी ने अपनी जान दे दी, लेकिन खालिस्तान नहीं बनने दिया।

इसके बाद उन्होंने मणिपुर में जारी हिंसा का मुद्दा उठाया। गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री राज्य की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मणिपुर गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका और वहां हिंसा की घटनाएं अब भी सामने आ रही हैं।

PCC में सर्वधर्म प्रार्थना सभा, दिल्ली रैली का भी जिक्र

इससे पहले प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, अशोक गहलोत सहित पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

गहलोत ने सरदार पटेल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के बाद उन्होंने 542 रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दिल्ली में होने वाली रैली को लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए लोगों से इसमें भागीदारी निभाने की अपील भी की।

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