Business Desk – Asia’s Richest List 2026 : एशिया के सबसे अमीर लोगों की दौड़ में एक नया बदलाव देखने को मिला है. गौतम अडानी ने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 18 अप्रैल तक अडानी की संपत्ति $92.5 बिलियन तक पहुंच गई थी. वहीं, अंबानी $92.5 बिलियन की कुल संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए.

खास बात यह है कि पिछले एक दशक में अडानी की संपत्ति में जबरदस्त तेजी आई है. यह औसतन 34% की सालाना दर से बढ़ी है. इसके विपरीत, इसी दौरान अंबानी की संपत्ति लगभग 15% की दर से बढ़ी. इस सूची में तीसरे स्थान पर CATL के चेयरमैन जेंग युकुन हैं, उनकी कुल संपत्ति लगभग $70.8 बिलियन आंकी गई है.

वैश्विक रैंकिंग में अडानी की स्थिति

गौतम अडानी अब ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की वैश्विक सूची में 19वें स्थान पर पहुँच गए हैं. इस रैंकिंग में, वह मुकेश अंबानी से एक स्थान आगे हैं. इसका मतलब है कि अडानी ने न केवल एशिया के अमीर लोगों के बीच, बल्कि दुनिया के सबसे अमीर लोगों की वैश्विक सूची में भी अपनी स्थिति मज़बूत कर ली है.

इस वैश्विक सूची में सबसे ऊपर टेस्ला के मालिक एलन मस्क हैं. पूरी सूची पर एक नजर डालने से अमेरिकी अरबपतियों का दबदबा साफ दिखाई देता है, जिससे पता चलता है कि दुनिया के सबसे अमीर लोगों में सबसे बड़ा हिस्सा संयुक्त राज्य अमेरिका का है.

सितंबर 2022 में गौतम अडानी दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति बने

सितंबर 2022 में, जबरदस्त उछाल दिखाते हुए, गौतम अडानी ने दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल किया. उस समय, उनकी कुल संपत्ति लगभग $149.9 बिलियन तक पहुँच गई थी. इस दौर को उनके व्यावसायिक विकास का शिखर माना जाता है. हालाँकि, यह तेजी ज्यादा समय तक नहीं टिकी.

हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी समूह पर लेखांकन में गड़बड़ियों के आरोप लगाए, जिससे उनकी कंपनियों के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आ गई. निवेशकों का भरोसा डगमगा गया, और अडानी की संपत्ति घटने लगी. इन आरोपों के लगभग एक महीने बाद यानी फरवरी 2023 तक अडानी की कुल संपत्ति गिरकर लगभग $37 बिलियन रह गई थी. यह उनके लिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि कुछ ही समय पहले, वे दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक थे.

हालाँकि, अब तस्वीर बदलती हुई नजर आ रही है. 2026 में, अडानी की कुल संपत्ति में लगभग 10% की बढ़ोतरी देखी गई. उनकी कंपनियों के शेयरों में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है, जिसके चलते उनकी कुल संपत्ति एक बार फिर से बढ़ने लगी है. यह इस बात का संकेत है कि अडानी धीरे-धीरे अपनी मजबूत स्थिति फिर से हासिल कर रहे हैं.