Atar Singh Bhadana murder case: पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड में 11 अक्टूबर की शाम का 27 सेकंड का एक और वीडियो सामने आया है। यह वीडियो भौंड़ा गांव में खदान के रेस्ट हाउस के बाहर का बताया जा रहा है। इसमें भड़ाना जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग उन पर लाठी-डंडों से हमला करते नजर आते हैं।
आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिराने के बाद लातों और पत्थरों से भी पीटा। गंभीर रूप से घायल भड़ाना की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

जमीन पर पड़े भड़ाना पर लाठी-डंडों से हमला
वायरल वीडियो में कुछ लोग पूर्व विधायक के चेहरे और सिर पर वार करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें बेरहमी से पीटा। खदान और वहां तक जाने वाले रास्ते को लेकर विवाद के बीच इस हमले की बात सामने आई थी। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और उससे जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
खदान की लीज और विवाद में सामने आया एसएचओ के भतीजे का जिक्र
खदान की लीज के प्रबंधन को लेकर वैर के तत्कालीन थाना अधिकारी जनक सिंह के भतीजे की भूमिका और बाद में विवाद की बात सामने आई है। इस पर जनक सिंह ने कहा कि उनका भतीजा खदान में मजदूरी करता था। उनके मुताबिक, पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना ने अन्य बेरोजगार लोगों को भी काम पर लगाने के लिए कहा था। जनक सिंह ने किसी विवाद से इनकार किया है। जनक सिंह फरवरी 2023 से अक्टूबर 2024 तक वैर थाने के एसएचओ रहे थे। इसके बाद 18 जुलाई 2025 को उन्हें महिला थाने में लगाया गया था। खदान की लीज को लेकर कुछ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए कथित अवैध कमाई का जरिया बनने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
हत्याकांड में दो और आरोपी गिरफ्तार, संख्या 15 हुई
पूर्व विधायक की हत्या के मामले में पुलिस अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अधीक्षक राजेश मीना के अनुसार, दुल्या पुत्र रामसिंह और शिवसिंह पुत्र आनंद, दोनों निवासी भौंड़ा, को बयाना के डांग के जंगलों से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों अपने रिश्तेदारों के यहां छिपे हुए थे और कई दिनों से उनकी तलाश की जा रही थी। इससे एक दिन पहले भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। ताजा गिरफ्तारी के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या 15 हो गई है।
पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई
हत्याकांड के मामले में वैर थाने के थाना अधिकारी और टीआई कांस्टेबल को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा दो आरपीएस अधिकारियों को एपीओ किया गया था। इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप हैं।
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