औरंगाबाद। जिले की सोन नदी में नहाने के दौरान डूबने से एक 16 वर्षीय नाबालिग की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान बड़ेम थाना क्षेत्र के महुआव गांव निवासी फिरोज मियां के इकलौते पुत्र मो. जावेद आलम के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

​दोस्तों के साथ नदी में गया था जावेद

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मो. जावेद आलम अपने तीन दोस्तों के साथ सोन नदी में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गया और डूबने लगा। जावेद को डूबता देख उसके साथ मौजूद दोस्त घबरा गए और मौके से भागकर इसकी सूचना अन्य लोगों को दी। घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण तुरंत नदी तट पर पहुंचे और अपनी तरफ से तलाश शुरू की, लेकिन रात होने और पानी की गहराई अधिक होने के कारण उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।

​24 घंटे की मशक्कत के बाद निकाला शव

​ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस की प्रारंभिक कोशिशें विफल होने के बाद मामले की सूचना राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम को दी गई। एनडीआरएफ की टीम ने लगातार करीब 24 घंटे तक खोजबीन का अभियान चलाया। आखिरकार गुरुवार को सुबह करीब 11 बजे टीम ने नदी से कुछ दूरी पर जावेद का शव बरामद कर लिया। शव मिलते ही परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गमगीन हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया।

​पूर्व विधायक ने बंधाया ढांढस, मुआवजे की मांग

​घटना की सूचना मिलते ही नबीनगर के पूर्व विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस कठिन समय में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है।

​सुरक्षा को लेकर खड़े हुए गंभीर सवाल

​इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सोन नदी में नहाने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाहियों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इकलौते बेटे की अकाल मौत ने माता-पिता की दुनिया ही उजाड़ दी है। प्रशासन को ऐसे जोखिम भरे इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी को रोका जा सके।