Automobile Desk : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए फेस्टिव सीजन की शुरुआत बेहद रोमांचक रही है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (FADA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस साल नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान देश भर में कुल 10,32,000 वाहनों की खुदरा बिक्री दर्ज की गई है। पिछले साल इसी त्योहारी अवधि में 10,12,000 यूनिट्स बिकी थीं, जिसके मुकाबले इस बार कुल आंकड़ों में 1.95 प्रतिशत की हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इन नौ दिनों के दौरान हर मिनट औसतन 80 वाहनों का पंजीकरण हुआ, जो बाजार में खरीदार के उत्साह को साफ दर्शाता है।

हालांकि, बिक्री के इन आंकड़ों के भीतर वाहन सेगमेंट के हिसाब से काफी दिलचस्प रुझान सामने आए हैं। पारंपरिक कारों और एसयूवी यानी पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में इस बार सुस्ती महसूस की गई। इस सेगमेंट में सालाना आधार पर 13.66 प्रतिशत की गिरावट आई और कुल खुदरा आंकड़े 1.72 लाख यूनिट्स पर सिमट गए। जानकारों का मानना है कि पिछले वर्ष जीएसटी 2.0 के लागू होने के बाद कीमतों में भारी कटौती का लाभ उठाने के लिए ग्राहकों ने पहले ही बड़ी संख्या में गाड़ियां खरीद ली थीं, जिसके चलते इस बार का तुलनात्मक बेस बहुत ऊंचा था।

इसके उलट, दोपहिया वाहनों और कमर्शियल सेगमेंट ने बाजार की रौनक को पूरी तरह संभाले रखा। नवरात्रि के इन नौ दिनों में दोपहिया वाहनों की बिक्री 5.78 प्रतिशत उछलकर 7.60 लाख यूनिट्स के आंकड़े को पार कर गई, जो कुल बिक्री का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा है। इसके अलावा कमर्शियल वाहनों की मांग में 14.21 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज की गई और कुल 34,120 यूनिट्स बिकीं। वहीं, कृषि क्षेत्र से समर्थन मिलने के कारण ट्रैक्टर की बिक्री में 8.87 प्रतिशत की बढ़त के साथ 20,912 यूनिट्स की मांग रही, जबकि कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की बिक्री 10.86 प्रतिशत बढ़कर 2,185 यूनिट्स तक पहुंच गई। हालांकि, थ्री-व्हीलर सेगमेंट में हल्की सुस्ती रही और बिक्री 1.65 प्रतिशत घटकर 43,057 यूनिट्स दर्ज की गई।

इस पूरे त्योहारी सीजन में सबसे बड़ा आकर्षण इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का प्रदर्शन रहा है। पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता और नए मॉडल्स की उपलब्धता के दम पर ईवी सेगमेंट ने करीब 27 प्रतिशत की शानदार छलांग लगाई है, जिसने ऑटोमोबाइल बाजार का पूरा समीकरण ही बदल कर रख दिया है। क्षेत्रीय स्तर पर भी डीलरों का उत्साह ऊंचा बना हुआ है। FADA पश्चिम बंगाल के चेयरपर्सन रोहित चौधरी के अनुसार, राज्य में ग्राहकों का रुख बेहद सकारात्मक रहा है और प्रमुख डीलरशिप पर दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे आगामी दिवाली तक बाजार में बूम बने रहने की पूरी उम्मीद है।

बाजार के जानकारों का यह भी कहना है कि सितंबर के अंत तक पैसेंजर वाहनों का स्टॉक लगभग 45 दिनों की औसत बिक्री के बराबर पहुंच गया था, जो पिछले एक साल का सबसे उच्च स्तर है। सितंबर के दौरान फैक्ट्री से आने वाली सप्लाई और असल रजिस्ट्रेशन के बीच अंतर आने की वजह से स्टॉक में लगभग 33,000 यूनिट्स और जुड़ गई हैं। ऐसे में ऑटो कंपनियों और डीलरों द्वारा ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक छूट और ऑफर्स दिए जा रहे हैं, ताकि त्योहारी माहौल में इन्वेंट्री को तेजी से खपाया जा सके।