रामनगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव के अवसर पर सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीप जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है. इस भव्य आयोजन में उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री शामिल होकर दीप प्रज्ज्वलन का शुभारंभ करेंगे.
अयोध्या. उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव के अवसर पर सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक दीये प्रज्ज्वलित कर नया कीर्तिमान स्थापित करने की पूरी तैयारी कर ली गई है. अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों ने तीन दिनों के अनवरत परिश्रम के बाद शुक्रवार को राम की पैड़ी सहित सभी निर्धारित घाटों पर दीपों की भव्य सजावट का कार्य पूरा कर लिया है. 7 नवंबर को आयोजित होने वाले इस मुख्य समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे.
दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. एसएस मिश्र के अनुसार 900 घाट समन्वयकों, 112 घाट प्रभारियों तथा 27 पर्यवेक्षकों की देखरेख में स्वयंसेवक शनिवार सुबह से दीयों में तेल और बाती लगाने का कार्य पूरा करेंगे. कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने दीप सज्जा पूर्ण होने पर घाटों का विस्तृत निरीक्षण कर वॉलिंटियर्स के समर्पण और अनुशासन की सराहना की. आयोजन में सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए सभी स्वयंसेवकों को सूती वस्त्र पहनने, ढीले कपड़ों से बचने और ज्वलनशील पदार्थों से दूरी बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.
इस वर्ष दीपोत्सव का आकर्षण बढ़ाने के लिए धर्मपथ पर रामायण के प्रसंगों को दर्शाने वाले 12-12 फीट ऊंचे 50 डिजिटल स्तंभ स्थापित किए गए हैं. रामकथा पार्क, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर और सरयू पुल सहित संपूर्ण क्षेत्र को आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है. विदेशी पर्यटकों के साथ अर्जेंटीना से पहुंचीं कैरोलिना जैसी आगंतुक भी घाटों की कलात्मक आकृतियों और रंगोलियों को देखकर अभिभूत नजर आईं.

मुख्य आयोजन के दिन अतिथियों के सुगम आवागमन के लिए 80 गोल्फकार्ट, 10 ट्रैवलर और 20 एसी बसों की व्यवस्था की गई है. एआरटीओ गुलाब चंद्र के मुताबिक महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट से लेकर होटलों, रामकथा पार्क और राम की पैड़ी तक वीवीआईपी मेहमानों को सुरक्षित पहुंचाने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है.
दूसरी तरफ श्री राम जन्मभूमि परिसर में भी एक लाख दीये जलाने की विशेष तैयारी की गई है. राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने शुक्रवार को परिसर का निरीक्षण कर 18 प्रमुख मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलन की व्यवस्थाओं की समीक्षा की. पूरे परिसर को पांच सेक्टरों में विभाजित कर 1500 मंदिर कर्मियों को दायित्व सौंपे गए हैं, जहां शनिवार के साथ दीपावली के दिन भी विशेष फसाड लाइटों की रोशनी और रामलला को विशेष भोग अर्पण का आयोजन रहेगा.

