मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. तारुन थाना क्षेत्र के पब्लिक हॉस्पिटल में कथित चिकित्सकीय लापरवाही से प्रसूता अनुराधा यादव की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है. घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज न होने से नाराज परिजनों ने मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर जमकर हंगामा किया.

इस बीच समाजवादी पार्टी ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पोस्टमार्टम हाउस पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद, पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव और राम निषाद लोटन परिजनों से मिले. सांसद अवधेश प्रसाद ने पीड़ित परिवार को कार्रवाई का आश्वासन दिया.

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मृतका के भाई जयप्रकाश यादव ने एसओ तारुन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम न कराने पर मुकदमे की धमकी दी गई और 2.5 लाख की जगह 4 लाख रुपये लेकर समझौता करने का दबाव बनाया गया. परिवार का कहना है, “हमें पैसा नहीं, न्याय चाहिए.”

सपा यूथ ब्रिगेड की चेतावनी

मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सदस्य आशीष यादव ने मीडिया से कहा कि तीसरा दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन और सीएमओ केवल टालमटोल कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिला स्वास्थ्य विभाग को यह तक पता नहीं कि जिले में कितने अस्पताल फर्जी चल रहे हैं. जिनके पास दवा बेचने का अधिकार तक नहीं, वे बड़े-बड़े ऑपरेशन कर रहे हैं. आशीष यादव ने मांग की है कि अस्पताल संचालक पर धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज हो, अस्पताल को सील कर बुलडोजर कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी और ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक न पोस्टमार्टम होगा, न शव हटाया जाएगा.

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क्या है पूरा मामला

दरअसल पूरा मामला तारुन थाना क्षेत्र के ग्राम सराय सागर निवासी विश्वास यादव ने पब्लिक हॉस्पिटल के संचालक अनूप कुमार सिंह पर गलत ऑपरेशन से गर्भवती पत्नी की मौत का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थीं,आरोप है कि 21 सितंबर को भर्ती के बाद गलत ऑपरेशन किया गया. हालत बिगड़ने पर 23 सितंबर को लखनऊ के चरक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां 27 सितंबर की रात पत्नी की मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि इलाज में करीब 12 लाख रुपये खर्च हुए. उन्होंने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर क्षतिपूर्ति की मांग की है.