​मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. अक्टूबर महीने में शुरू होने वाले शारदीय नवरात्रि उत्सव से ठीक पहले धर्मनगरी अयोध्या से एक हैरान कर देने वाली और बेहद गंभीर घटना सामने आई है. अयोध्या के देवकाली क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाएं बना रहा मुख्य मूर्तिकार उत्तम पाल समितियों से लाखों रुपये का एडवांस लेकर देर रात अपनी पूरी टीम के साथ रहस्यमय परिस्थितियों में फरार हो गया. इस घटना के बाद समय पर प्रतिमाएं न मिलने की आशंका से आक्रोशित दुर्गा पूजा समितियों में हाहाकार मच गया है.

​मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तम पाल अपनी पूरी कारीगर टीम के साथ रात करीब 2 बजे चुपके से सामान समेटकर निकलता हुआ सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया है. सुबह जब पूजा समितियों के लोग मूर्तियों का काम देखने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए—स्थल पूरी तरह सुनसान था और बनाई जा रही सभी प्रतिमाएं आधी-अधूरी अवस्था में पड़ी थीं.

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​बताया जा रहा है कि मूर्तिकार उत्तम पाल के पास अयोध्या शहर, ग्रामीण इलाकों और आसपास के कई अन्य जिलों की कुल 125 से अधिक दुर्गा प्रतिमाएं बनाने का जिम्मा था.​लाखों का एडवांस डरा, पूजा समितियों ने बुकिंग के तौर पर भारी भरकम एडवांस राशि जमा कराई थी..​बकाया भुगतान,मूर्तियों के ढांचे के लिए इस्तेमाल किए गए बांस और कच्चे माल का भी करीब 2 लाख रुपये से अधिक का भुगतान व्यापारी को बकाया है.

​मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

​मूर्तिकार के भागने की खबर जंगल में आग की तरह फैलते ही सैकड़ों की संख्या में दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है. पुलिस सीसीटीवी खंगालने के साथ-साथ उत्तम पाल और उसकी टीम की लोकेशन ट्रैकिंग में जुट गई है.​घटना की सूचना मिलते ही केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल भी अपनी टीम के साथ देवकाली पहुंचे. उन्होंने पूजा समितियों को शांत कराया और पुलिस-प्रशासन से आरोपी मूर्तिकार के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की.

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​नवरात्रि की तिथियां बेहद करीब होने के कारण आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह खड़ी हो गई है कि आधी-अधूरी पड़ी प्रतिमाओं को इतने कम समय में कैसे पूरा कराया जाए. पूजा समितियों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार मूर्तिकार को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए और वैकल्पिक कारीगरों की व्यवस्था कर प्रतिमाओं का निर्माण कार्य समय पर पूरा कराया जाए.