अयोध्या में 7 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव के मद्देनजर लखनऊ, बाराबंकी, संतकबीरनगर और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में यातायात व्यवस्था बदली गई है. पुलिस ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग और श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं.
अयोध्या. 7 नवंबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव को लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है. श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, संतकबीरनगर और अंबेडकरनगर पुलिस ने भारी वाहनों के लिए अलग-अलग रूट और डायवर्जन प्लान जारी किया है.
लखनऊ में यह व्यवस्था 6 नवंबर की रात 12 बजे से 8 नवंबर की रात 12 बजे तक लागू रहेगी. वहीं, अन्य जिलों में स्थानीय पुलिस की ओर से निर्धारित समय के अनुसार प्रतिबंध प्रभावी होंगे. अयोध्या जाने और वहां से दूसरे जिलों की ओर लौटने वाले वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित रास्तों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है.
लखनऊ से अयोध्या का बदला रूट
लखनऊ से बाराबंकी होते हुए अयोध्या जाने वाले भारी वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है. सीतापुर, हरदोई, आगरा एक्सप्रेसवे और कानपुर रोड की ओर से आने वाली बसों, बड़े ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को भी बाराबंकी होकर अयोध्या जाने की अनुमति नहीं होगी.

इन वाहनों को किसान पथ, सुलतानपुर रोड और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए आगे भेजा जाएगा. हालांकि, अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए अलग वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं.
सीतापुर और लखीमपुर की ओर से आने वाले वाहन: सीतापुर रोड से आने वाली बसों और भारी वाहनों को इंदिरानगर बाग और इंदिराबाग किसान पथ अंडरपास से किसान पथ पर भेजा जाएगा. इसके बाद वाहन सुलतानपुर रोड पहुंचकर चांदसराय के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकेंगे.
सीतापुर और शाहजहांपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों के लिए अयोध्या पुलिस ने बख्शी का तालाब से किसान पथ होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक का रास्ता निर्धारित किया है. लखीमपुर से आने वाले वाहन चालकों को भी सीतापुर रोड और किसान पथ के जरिए वैकल्पिक मार्ग अपनाना होगा.
हरदोई और आगरा एक्सप्रेसवे: हरदोई रोड से आने वाली बसों और भारी वाहनों को किसान पथ अंडरपास से किसान पथ पर डायवर्ट किया जाएगा. यहां से सुलतानपुर रोड और चांदसराय होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंचा जा सकेगा.
आगरा एक्सप्रेसवे से आने वाले भारी वाहन खुशहालगंज किसान पथ अंडरपास से किसान पथ पर पहुंचेंगे. इसके बाद उन्हें सुलतानपुर रोड और चांदसराय के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाना होगा.
कानपुर रोड से आने वाले वाहन: कानपुर रोड की ओर से आने वाले भारी वाहनों को भी बाराबंकी और अयोध्या की तरफ जाने से रोका गया है. इनके लिए फतेहपुर से लालगंज, बछरावां और हैदरगढ़ होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक का मार्ग तय किया गया है.
इसके अलावा कानपुर से उन्नाव, बीघापुर, पुरवा, लालगंज और मौरावां होते हुए बछरावां और हैदरगढ़ पहुंचकर भी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल किया जा सकेगा.
बाराबंकी में 10 जगह बैरियर
दीपोत्सव के मद्देनजर बाराबंकी पुलिस ने लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद करने का फैसला लिया है. यह प्रतिबंध 6 नवंबर की रात 12 बजे से प्रभावी होगा.
पुलिस ने लखनऊ-बाराबंकी सीमा, असेनी मोड़, चौपुला तिराहा, रामनगर तिराहा, सफदरगंज, दिलोना मोड़, असंद्रा की नई सड़क और हैदरगढ़ समेत 10 स्थानों पर बैरियर लगाने की तैयारी की है.
लखनऊ से बाराबंकी होते हुए अयोध्या जाने वाले भारी वाहनों को चौपुला या रामनगर तिराहे से बहराइच हाईवे की तरफ मोड़ा जाएगा. यहां से वाहन बहराइच होते हुए बस्ती, गोरखपुर और पूर्वांचल के अन्य जिलों तक जा सकेंगे. पूर्वांचल से अयोध्या और बाराबंकी होकर लखनऊ आने वाले भारी वाहनों के लिए भी वैकल्पिक रास्ते निर्धारित किए गए हैं.
अयोध्या पुलिस ने तय किए रूट
दूसरे जिलों से अयोध्या की तरफ आने वाले भारी वाहनों के लिए भी अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं.
रायबरेली की ओर से आने वाले वाहन हलियापुर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकेंगे. सुलतानपुर से आने वाले वाहनों को कूड़ेभार से एक्सप्रेसवे की तरफ भेजा जाएगा. आजमगढ़ और अंबेडकरनगर से आने वाले भारी वाहनों को गोहन्ना मोड़ से दोस्तपुर होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का रास्ता अपनाना होगा.

बाराबंकी की तरफ से आने वाले भारी वाहन भिटरिया और रामसनेहीघाट से हैदरगढ़ होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंचेंगे. बस्ती से आने वाले वाहनों को लोलपुर से नवाबगंज की ओर भेजा जाएगा. वहीं, गोंडा के नवाबगंज की तरफ से आने वाले वाहन लकड़मंडी और लोलपुर होते हुए बस्ती की ओर जा सकेंगे.
गोरखपुर की ओर से आने वाले भारी वाहन गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे. गोरखपुर, संतकबीरनगर और बस्ती से आने वाले वाहनों के लिए फुटहिया चौकी से कलवारी, टांडा, अकबरपुर और दोस्तपुर होते हुए एक्सप्रेसवे तक का रास्ता निर्धारित किया गया है.
बलरामपुर, बहराइच, गोंडा और श्रावस्ती से लखनऊ जाने वाले भारी वाहनों को टिकोरा मोड़ से चहलरी घाट रोड होते हुए सिधौली और सीतापुर की तरफ भेजा जाएगा.
कानपुर से गोरखपुर जाने वाले भारी वाहन उन्नाव, मौरावां, मोहनलालगंज, गोसाईगंज और चांदसराय होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे. वहीं, लखनऊ से गोरखपुर जाने वाले भारी वाहनों को मोहान और जुनाबगंज से मोहनलालगंज तथा गोसाईगंज होते हुए एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा.
संतकबीरनगर में भी डायवर्जन
दीपोत्सव के मद्देनजर संतकबीरनगर में 6 नवंबर दोपहर 12 बजे से 8 नवंबर को कार्यक्रम समाप्त होने तक यातायात व्यवस्था बदली रहेगी.
गोरखपुर से अयोध्या जाने वाले वाहन चालकों को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. वहीं, गोरखपुर से लखनऊ जाने वाले वाहनों को मगहर चौकी से दुर्गा मंदिर मगहर, घघसरा, बखिरा और बांसी होते हुए आगे भेजा जाएगा.
खलीलाबाद से लखनऊ जाने वाले वाहन मेंहदावल बाईपास से बखिरा, बांसी, जोगिया, उदयपुर, सनई चौराहा, चिल्हिया, सोहरतगढ़, ढेबरुआ और बढ़नी होते हुए बलरामपुर तथा बहराइच के रास्ते जा सकेंगे.
भुवरिया से जाने वाले वाहनों को पायलपार, नाथनगर, धनघटा और बिड़हरघाट होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा. इसी तरह टेमा रहमत से लखनऊ जाने वाले वाहन दुधारा, बांसी, जोगिया, उदयपुर, सनई चौराहा, चिल्हिया, सोहरतगढ़, ढेबरुआ और बढ़नी होते हुए बलरामपुर तथा बहराइच के रास्ते आगे जा सकेंगे.
अंबेडकरनगर में 13 डायवर्जन पॉइंट
अंबेडकरनगर में 6 नवंबर की रात 12 बजे से 8 नवंबर तक अयोध्या जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा.
सम्हरिया चौराहे से सेवागंज बैरियर और पहतीपुर मोड़ से अन्नावा तिराहे होकर अयोध्या जाने वाले भारी वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा. गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती और कलवारी की ओर से आने वाले वाहनों को सम्हरिया चौराहे से इनामीपुर पुल के नीचे होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की तरफ भेजा जाएगा.
आजमगढ़ और बसखारी की तरफ से आने वाले वाहनों को न्यौतरिया बाईपास से एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा. अन्य मार्गों से आने वाले भारी वाहनों को सुलतानपुर रोड या पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का रास्ता अपनाना होगा.
इस व्यवस्था के लिए अयोध्या से जुड़े मार्गों पर 13 बैरियर और डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं. यादव नगर और सेवागंज बैरियर को वाहनों के इंतजार के लिए निर्धारित किया गया है.
अयोध्या शहर में भी प्रतिबंध
दीपोत्सव और आतिशबाजी कार्यक्रम को देखते हुए 7 नवंबर सुबह 7 बजे से 8 नवंबर को कार्यक्रम समाप्त होने तक अयोध्या शहर के अंदर भी यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे.
लकड़मंडी चौराहे से पुराने सरयू पुल की तरफ गोंडा से आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा. इन वाहनों को लोलपुर बाईपास से निकाला जाएगा. साकेत पेट्रोल पंप बैरियर से नयाघाट की ओर सामान्य वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, पासधारी आमंत्रित अतिथियों को छूट मिलेगी.
हनुमान गुफा से लता मंगेशकर चौक तक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा. आमंत्रित अतिथियों को भी इस मार्ग पर पैदल ही जाना होगा. रामघाट से रामपथ और तपस्वी जी की छावनी से रामपथ की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे. इन्हें काशीराम कॉलोनी और परिक्रमा मार्ग की तरफ डायवर्ट किया जाएगा.
छोटी छावनी और दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय बैरियर से छोटी छावनी होकर रामपथ की तरफ वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा. इन वाहनों को काशीराम कॉलोनी और परिक्रमा मार्ग से निकाला जाएगा. परमा एकेडमी गली बैरियर से हनुमानगढ़ी चौराहे होकर रामपथ जाने वाले वाहनों पर भी रोक रहेगी.
विद्याकुंड और जैन मंदिर से रामपथ की तरफ जाने वाले वाहनों को आसिफबाग और लंगड़वीर चौराहे की ओर भेजा जाएगा. उदया चौराहे से टेढ़ी बाजार की तरफ चार पहिया वाहन नहीं जा सकेंगे. इन्हें गैस गोदाम तिराहे से निकाला जाएगा.
रानोपाली से टेढ़ी बाजार की तरफ दोपहिया वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा. इन वाहनों को रानोपाली क्रॉसिंग और लंगड़वीर चौराहे के रास्ते निकाला जाएगा.
टेढ़ी बाजार से श्रीराम अस्पताल की तरफ जाने वाले वाहनों को लंगड़वीर फ्लाईओवर से होकर जाना होगा. चूड़ामणि चौराहे से टेढ़ी बाजार की ओर भी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इन्हें आसिफबाग और गैस गोदाम के रास्ते भेजा जाएगा.
पोस्ट ऑफिस तिराहा, तुलसी उद्यान और जानकी महल मोड़ से लता मंगेशकर चौक की ओर वाहनों के साथ पैदल आवागमन पर भी रोक रहेगी. राजघाट बंधा से नयाघाट की तरफ भी वाहनों और पैदल लोगों को जाने की अनुमति नहीं होगी.
श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग व्यवस्था
दीपोत्सव में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए भी स्थान निर्धारित किए गए हैं.
गोरखपुर, बस्ती और गोंडा की तरफ से आने वाले श्रद्धालु साकेत पुल के बगल में दशरथ पथ पार्किंग में वाहन खड़े कर सकेंगे. लखनऊ और अंबेडकरनगर की ओर से आने वालों के लिए साकेत पुल के दाहिनी तरफ पार्किंग की व्यवस्था की गई है.
दोपहिया वाहनों के लिए फटिकशिला के पास रेलवे पुल के बगल में पार्किंग स्थल निर्धारित किया गया है. लखनऊ, सुलतानपुर और अंबेडकरनगर की ओर से आने वाले श्रद्धालु सूर्या पैलेस के बगल और बालूघाट तिराहे के पास बनी मल्टीलेवल पार्किंग का इस्तेमाल कर सकेंगे.
वहीं, गोरखपुर, बस्ती और गोंडा की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैकुंठ धाम के बगल स्थित खाली मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की गई है.
आपातकालीन वाहनों को छूट
लखनऊ ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, निर्धारित डायवर्जन के बावजूद मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में एंबुलेंस, स्कूली वाहन, फायर सर्विस और शव वाहनों को जरूरत के अनुसार प्रतिबंधित मार्गों से गुजरने की अनुमति दी जाएगी. इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की सहायता ली जा सकती है.
यातायात संबंधी परेशानी होने पर वाहन चालक ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अयोध्या जाने या वहां से लौटने से पहले अपने मार्ग की जानकारी जरूर कर लें और डायवर्जन के दौरान पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें.

