शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग के बाद अब आयुष चिकित्सा पद्धति से जुड़े इंटर्न ने भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग उठाई है। मंगलवार को बड़ी संख्या में आयुष इंटर्न अपनी मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को आवेदन सौंपा।
इंटर्न का कहना है कि उन्हें वर्तमान में महज 9 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जबकि MBBS इंटर्न को इससे काफी अधिक स्टाइपेंड मिलता है। ऐसे में आयुष इंटर्न भी अपना स्टाइपेंड MBBS इंटर्न के समान करने की मांग कर रहे हैं।
BAMS, BHMS और BUMS इंटर्न्स शामिल
आयुष चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत BAMS (आयुर्वेद), BHMS (होम्योपैथी) और BUMS (यूनानी) चिकित्सा प्रणालियां आती हैं। इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र इंटर्नशिप करते हैं। इंटर्न का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों से जुड़ी व्यावहारिक जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला स्टाइपेंड काफी कम है।
9 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड
आयुष इंटर्न के मुताबिक वर्तमान में उन्हें 9 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। उनका कहना है कि महंगाई और इंटर्नशिप के दौरान होने वाले खर्च को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं है। वहीं, हाल ही में MBBS इंटर्न्स की ओर से भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था।
MBBS इंटर्न के समान स्टाइपेंड की मांग
आयुष इंटर्न ने मांग की है कि उन्हें भी MBBS इंटर्न्स के समान स्टाइपेंड दिया जाए। इंटर्न्स का कहना है कि अलग-अलग चिकित्सा पद्धतियों में इंटर्नशिप करने वाले छात्रों के बीच स्टाइपेंड को लेकर अंतर को दूर किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में इंटर्न कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपना आवेदन सौंपा।
इंटर्न ने प्रशासन से उनकी मांग पर जल्द विचार करने और संबंधित विभाग के माध्यम से स्टाइपेंड बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। अब देखना होगा कि सरकार की ओर से आयुष इंटर्न की इस मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।
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