सत्या राजपूत, रायपुर। राजधानी रायपुर के लक्ष्मी नगर स्थित एसके केयर हॉस्पिटल पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगने के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ राज्य नोडल एजेंसी ने अस्पताल का पंजीयन एक वर्ष के लिए निरस्त कर दिया है। इस अवधि में अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत कोई नया मरीज भर्ती नहीं कर सकेगा और परिसर से योजना संबंधी सभी प्रचार सामग्री हटानी होगी।
औचक निरीक्षण में क्या मिला ?
राज्य स्तरीय जांच दल ने 30 सितंबर 2026 को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया था। जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं थी।
आयुष्मान योजना के अंतर्गत भर्ती मरीजों से दवाइयों और सामग्रियों के लिए अलग से नकद पैसे वसूले गए। शशि नायक और पुष्पा पटेल के मामले में यह बात साफ सामने आई।
एम्पेनमेंट के अनुसार 22 चिकित्सक दिखाए गए थे, लेकिन वास्तविकता में सिर्फ 3 एमबीबीएस डॉक्टर ही मौजूद मिले।
एक्यूट किडनी इंजरी (AKI), एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस और निमोनिया जैसे मामलों में ज्यादा महंगे पैकेज बुक किए गए।
डिस्चार्ज मरीजों की टीएमएस में अपलोड फाइलों का फार्मेसी और लैब में सत्यापन करने पर संबंधित दवाइयों के साथ जांचों के रिकॉर्ड गायब मिले।
एक लाभार्थी ने एजेंट (निर्मल यादव) के जरिए अस्पताल आने और अतिरिक्त राशि देने की बात बताई। मरीज को फिस्टुला का इलाज करवाना था, लेकिन योजना में निमोनिया का पैकेज बुक कर दस्तावेज तैयार कर दिए गए।
अस्पताल का जवाब और जांच
11 अक्टूबर 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद अस्पताल ने 14 अक्टूबर को ई-मेल से स्पष्टीकरण भेजा गया था, अस्पताल ने दावा किया कि इलाज पूरी तरह निःशुल्क होता है, डॉक्टर उपलब्ध हैं, डायग्नोसिस सही है और सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण रिकॉर्ड संबंधी समस्या आई थी। फिस्टुला वाले मामले में कहा गया कि निमोनिया का इलाज योजना में हुआ और फिस्टुला का अलग से क्योंकि योजना में पैकेज नहीं है।
जांच एजेंसी ने अस्पताल के स्पष्टीकरण को तथ्यात्मक और समाधानकारक नहीं माना। मरीजों के बयान, फाइलों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त नकद वसूली, एजेंटों के जरिए मरीज लाने और योजना के दुरुपयोग की पुष्टि हुई। ये कृत्य योजना के दिशानिर्देशों का उल्लंघन और गंभीर वित्तीय अनियमितता माने गए।
कार्रवाई का आधार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के जुलाई 2026 के दिशानिर्देशों के कंडिका 6.4.1 के तहत यह कार्रवाई की गई है। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराना है। ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई कर योजना की विश्वसनीयता बनाए रखने का संदेश दिया गया है। लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि किसी भी अतिरिक्त शुल्क की मांग होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।


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