आजमगढ़ के रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में 2007 के दोहरे हत्याकांड में अदालत ने नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अपर सत्र न्यायाधीश कमलापति ने प्रत्येक दोषी पर 74 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.

आजमगढ़. जिले में वर्ष 2007 में दशहरे के दिन हुए दोहरे हत्याकांड में गुरुवार को अदालत ने नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अपर सत्र न्यायाधीश कमलापति ने प्रत्येक दोषी पर 74 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषियों के जेल में बिताए गए समय को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा.

2007 में हुई थी वारदात

मामला रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव का है. इस दोहरे हत्याकांड में वादी रामजन्म सिंह ने बिपिन सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. मामले के एक आरोपी राधेश्याम की पहले ही मौत हो चुकी है.

सुनवाई के बाद फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान 26 अक्टूबर को एक आरोपी अदालत में उपस्थित नहीं था. लोकनाथ बुधवार को न्यायालय में पेश हुआ था, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था.

गुरुवार को सभी नौ दोषियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर अदालत में पेश किया गया. सजा सुनाने से पहले न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं.

नौ दोषियों को उम्रकैद

दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी करने के बाद न्यायाधीश अपने विश्राम कक्ष में चले गए. करीब एक घंटे बाद लौटकर उन्होंने खुली अदालत में सभी नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 74 हजार रुपये का जुर्माना लगाया.

अदालत के आदेश के मुताबिक, दोषियों की जेल में पहले से बिताई गई अवधि को उनकी सजा में शामिल किया जाएगा.