बहराइच के मोतीपुर थाना क्षेत्र स्थित झाला गांव में रविवार सुबह एक नवजात बालक गड्ढे में लावारिस हालत में मिला, जिसे पुलिस ने सुरक्षित निकालकर अस्पताल भिजवाया. सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष सतीश कुमार श्रीवास्तव ने अस्पताल पहुंचकर इलाज के निर्देश दिए और लोगों से बच्चों को लावारिस न छोड़ने की अपील की.

अनूप मिश्रा, बहराइच. मोतीपुर थाना क्षेत्र के झाला गांव में रविवार सुबह एक घर के पास बने गड्ढे में नवजात बालक लावारिस हालत में मिला. ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला और मामले की जानकारी बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को दी. इसके बाद नवजात को उपचार के लिए महर्षि बालार्क चिकित्सालय के चाइल्ड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया.

नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया

जानकारी के अनुसार, जालिमनगर चौकी प्रभारी बीपी गोंड ने नवजात मिलने की सूचना बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सतीश कुमार श्रीवास्तव को दी. उनके निर्देश पर एंबुलेंस की मदद से रविवार दोपहर करीब दो बजे नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया.

सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने ली जानकारी

सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष सतीश कुमार श्रीवास्तव ने अस्पताल पहुंचकर नवजात के स्वास्थ्य की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि गोबर के पास रहने के कारण बच्चे के शरीर पर लाल दाने हो गए हैं और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही है. उन्होंने संबंधित महिला चिकित्सक को नवजात की आवश्यक जांच कराने और तत्काल समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश

इसके अलावा उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी मनीष यादव और अर्जुन प्रसाद को नवजात की उचित देखरेख सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चे के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाए और इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए.

सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष ने की लोगों से अपील

सतीश कुमार श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ है, तो उसे लावारिस हालत में न छोड़े. ऐसे बच्चों को सुरक्षित और गोपनीय तरीके से बाल कल्याण समिति को सौंपा जा सकता है, ताकि उनकी सुरक्षा, देखभाल और उचित संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके.