संजय तिवारी, बलिया. बाढ़ राहत सामग्री में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है. आरोप है कि बलिया सदर विधानसभा के बाढ़ पीड़ितों के लिए आई राहत सामग्री को 50 किलोमीटर दूर बांसडीह विधानसभा के एक प्राइवेट गोदाम में लाकर रख दिया गया और बेचने की तैयारी थी. मामला मनियर थाना क्षेत्र के बड़गांव का है. गुरुवार 18सितंबर की सुबह जब गांव में दो पिकअप से 65 बोरी बाढ़ राहत सामग्री उतरते देखी गई तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. ग्रामीणों ने विरोध किया तो मौके पर अधिकारियों को पहुंचना पड़ा.
ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के मुताबिक, दो पिकअप में भरकर बाढ़ राहत किट बड़गांव में एक प्राइवेट गोदाम में रखी गई थी. बड़ा गांव के ग्राम प्रधान संजय राजभर ने बताया कि सुबह ही विधायक केतकी सिंह ने फोन करके सूचना दी थी. जब हम लोगों ने जानकारी की तो ये सामग्री बलिया सदर के बाढ़ पीड़ितों के लिए आई थी, लेकिन इसे बांसडीह विधानसभा के बड़गांव में रात के अंधेरे में लाकर रख दिया गया.
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ग्रामीणों का आरोप सीधे तौर आरोप है कि बेल्थरारोड के रहने वाले लेखपाल और उनके सर्वेयर मोनू राजभर ने यह सामग्री यहां रखवाई है. सवाल यह है कि बलिया विधानसभा की राहत सामग्री बांसडीह से 50 KM दूर कैसे पहुंची? सूचना मिलते ही गांव में ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया. मौके पर पहुंचे बांसडीह उपजिलाधिकारी क्षेत्राधिकारी तहसीलदार और बलिया सदर एसडीएम ने माल कब्जे में ले लिया. उसे पिकअप में भरवाकर बलिया भेजवाया. वहीं बलिया सदर एसडीएम गोपेश तिवारी ने मौके पर पहुंचकर लोगो को समझाया और लेखपाल को सस्पेंड और मुकदमा करने की बात कही. इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बाढ़ पीड़ितों के हक पर डाका डालने की कोशिश हो रही थी.



