शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के सहारे 70 पासपोर्ट मिलने के मामले में STF ने पांचवे आरोपी नसीम अख्तर को गिरफ्तार कर लिया है। भोपाल निवासी आरोपी ने पूछताछ में बताया कि साल 2016 से उसने टूर एंड ट्रैवल्स का काम करने और बाद पासपोर्ट एजेंट के रूप में काम करना शुरू कर दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी का संबंध मियानंद भिक्षु उर्फ रॉयल चौधरी भिक्षु से भी है। आरोपी ने बताया कि पासपोर्ट कार्यालय भोपाल के बाहर उसकी मुलाकात मियानंद से हुई थी। 

STF के टारगेट पर पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारी

STF डीआईजी राहुल लोढ़ा ने न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जांच में पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। गिरफ्तार पांचवा आरोपी नसीम अख्तर फर्जी पासपोर्ट बनवाता था। उसके पास से 8 फर्जी पासपोर्ट बरामद हुए हैं। फर्जी पासपोर्ट गैंग का मुख्य आरोपी रियाल चौधरी नसीम अख्तर को पासपोर्ट बनाने के लिए देता था। 

STF की पूछताछ में नसीम अख्तर ने पासपोर्ट ऑफिस में उसके अधिकारियों से सेटिंग की बात स्वीकार की है। पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारियों से मिलीभगत कर दस्तावेजों में हेरफेर किया गया और फर्जी पासपोर्ट बनवाए। एक फर्जी पासपोर्ट बनाने के लिए रियाल चौधरी नसीम अख्तर को 25 से 30 हजार रुपए देता था। 

एक्ट्रेस मोनिका बेदी-अबू सलेम की तरह बनवाया था फर्जी पासपोर्ट

बता दें कि यह फर्जीवाड़ा फिल्म अभिनेत्री मोनिका बेदी और गैंगस्टर अबू सलेम के फर्जी पासपोर्ट के पैटर्न पर किया गया और बौद्ध भिक्षुओं ने फर्जी पासपोर्ट बनवाया। भोपाल के एक नगर निगम के डॉक्यूमेंट के आधार पर सिराज ने अबू सलेम और मोनिका बेदी का पासपोर्ट बनवाया था। प्रशासन के स्थाई प्रमाण पत्र और पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान स्थाई प्रमाण पत्र का हवाला देकर पासपोर्ट बनवाया। स्थाई प्रमाण पत्र बनाने के लिए शपथ पत्र और दो मठ के रहने वाले भिक्षुओं का साइन कराया। आरोपी और एजेंट की मदद से पासपोर्ट कार्यालय में भी मिली भगत की गई। पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारी से सेटिंग के जरिए पासपोर्ट बनवाए गए। 

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