सहारनपुर में पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला से जुड़ी कुर्क संपत्तियों पर पुलिस-प्रशासन ने गुरुवार को करीब 13 स्थानों पर दोबारा बोर्ड लगाए. यह कार्रवाई उन स्थानों पर की गई जहां पहले लगाए गए बोर्ड क्षतिग्रस्त हो गए थे या हटा दिए गए थे.

सहारनपुर. पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला से जुड़ी कुर्क संपत्तियों पर पुलिस-प्रशासन ने गुरुवार को दोबारा बोर्ड लगाने की कार्रवाई की. जिले में करीब 13 स्थानों पर यह कार्रवाई की गई, जहां पहले लगाए गए कुछ बोर्ड क्षतिग्रस्त हो गए थे या हटा दिए गए थे.

प्रशासन के मुताबिक, बोर्ड दोबारा लगाने का उद्देश्य संबंधित संपत्तियों के कुर्क होने की जानकारी मौके पर स्पष्ट रूप से दर्ज रखना है. यह कार्रवाई पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कुर्की से जुड़ी संपत्तियों पर की जा रही है.

56 संपत्तियां कुर्क

हाजी इकबाल से जुड़ी संपत्तियों पर पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई अलग-अलग चरणों में हुई है. फरवरी 2026 में प्रशासन ने करीब 275 करोड़ 97 लाख रुपये मूल्य की 56 संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था.

इन संपत्तियों में अलग-अलग गांवों में स्थित जमीन, कृषि भूमि और प्लॉट शामिल हैं. प्रशासन की ओर से मिर्जापुर और बेहट पुलिस की मदद से पांच गांवों में भी कार्रवाई की गई थी.

इससे पहले हाजी इकबाल से जुड़ी करीब 203 करोड़ रुपये मूल्य की 148 संपत्तियों की कुर्की किए जाने का आंकड़ा सामने आया था. अलग-अलग चरणों में हुई कार्रवाई और संपत्तियों के अलग-अलग मूल्यांकन के कारण कुल राशि को लेकर विभिन्न आंकड़े सामने आते रहे हैं.

आंकड़ों में अंतर

प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित कुछ रिपोर्टों में पहले की कुर्की को शामिल करते हुए हाजी इकबाल से जुड़ी करीब 837 करोड़ रुपये की संपत्ति का आंकड़ा भी सामने आया है. एसडीएम सदर सुबोध कुमार के अनुसार, अलग-अलग समय पर हुई कुर्की और संपत्तियों के अलग-अलग मूल्यांकन के कारण आंकड़ों में अंतर बताया जाता है.

गुरुवार को करीब 13 स्थानों पर लगाए जा रहे नए बोर्ड में संबंधित संपत्तियों के कुर्क होने की जानकारी दर्ज की जा रही है. प्रशासन का उद्देश्य कुर्क संपत्तियों की स्थिति को मौके पर स्पष्ट रखना है.

ईडी की कार्रवाई अलग

हाजी इकबाल से जुड़ी संपत्तियों पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की कार्रवाई पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई से अलग है. चीनी मिलों की खरीद से जुड़े मामले में ईडी ने 2025 में हाजी इकबाल और उनके रिश्तेदारों से संबंधित करीब 995.75 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं.

ईडी की कार्रवाई में तीन बंद चीनी मिलों की जमीन, भवन और मशीनरी समेत अन्य संपत्तियां शामिल थीं. ये चीनी मिलें देवरिया के बैतालपुर, भटनी और शाहगंज में स्थित थीं.

ईडी ने इस मामले में सहारनपुर, लखनऊ और गौतमबुद्धनगर समेत करीब 63 स्थानों पर संपत्तियां चिन्हित की थीं. यह कार्रवाई चीनी मिलों से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत चल रही जांच का हिस्सा थी.