लखनऊ. खराब रास्ते और कीचड़ की समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों की पुलिस ने बर्बरता से पिटाई की है. यहां तक की पुलिस ने बच्चों को भी बड़ी बेरहमी से मारा है. बच्चों के शरीर और प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान देखने को मिले हैं. पुलिस की इस कार्रवाई ने योगी सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है. ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या सीएम योगी इसी को सुशासन बताते हैं? पुलिस की कार्रवाई पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने भी सवाल उठाए हैं और योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है.

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नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने कहा कि लखीमपुर खीरी जिले के धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के सिसैया खुर्द गांव में खराब रास्ते और कीचड़ की समस्या को लेकर धौरहरा से भाजपा विधायक विनोद शंकर अवस्थी तथा ग्राम प्रधान के खिलाफ धरना देने व नारेबाजी करने वाले लोधी समाज के ग्रामीणों के साथ पुलिस की बर्बरता बेहद पीड़ादायक, गंभीर और चिंताजनक है.

ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार देर रात धौरहरा पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंची और कई घरों में घुसकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई की. आरोप है कि इस दौरान गांव की बिजली भी काट दी गई, ताकि घटना का कोई वीडियो न बन सके. पुलिस की पिटाई में महिलाओं और बच्चों समेत 16 ग्रामीण घायल हुए हैं. घटना के बाद से पूरे गांव में डर और दहशत का माहौल है.

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आगे उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर आरोप यह है कि 5-5 साल के मासूम बच्चों को भी नहीं बख्शा गया. परिजनों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने बच्चों को इस बेरहमी से पीटा कि यह तक नहीं देखा कि चोट शरीर के किस हिस्से में लग रही है. आरोप है कि कुछ बच्चों के गुप्तांग में भी चोटें आई हैं.

चंद्रशेखर आजाद रावण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, क्या बदहाल सड़क और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर आवाज उठाना इतना बड़ा अपराध है कि ग्रामीणों के घरों में घुसकर महिलाओं, बुजुर्गों और मासूम बच्चों तक को पीटा जाए? यूपी से हमारी मांग है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाई जाए, दोषी पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी तय हो, घायल ग्रामीणों और बच्चों को उचित उपचार एवं न्याय मिले और सिसैया खुर्द के खराब रास्ते की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए.