लखनऊ. 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यावसायिक भुगतानों पर एनपीसीआई द्वारा 0.4% का एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क लागू किया गया है, जिसका भुगतान सामान्य उपभोक्ताओं को नहीं बल्कि केवल पात्र व्यापारियों को करना होगा. जिसे लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है.

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स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले, चाय-सब्जी विक्रेताओं और अन्य छोटे- कारोबारियों पर भाजपा सरकार 15 अक्टूबर 2026 से बैंक से निकासी या UPI आपसी लेन-देन में 2000 या इससे अधिक पर 0.4% टैक्स (MDR) लगाने जा रही है. इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए रखी गई है. सरकार इस टैक्स के माध्यम से छोटे दुकानदारों व कारोबारियों की कमर तोड़ने पर आमादा है. यद्यपि कि लघु व मध्यमश्रेणी के दुकानदार पहले से ही GST की मार झेल चुके हैं और अब आफत का एक पहाड़ और भी.

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आगे स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार जहां जी न्यूज़ के मालिक व बड़े व्यवसायी सुभाषचंद्र का 22 हजार करोड़ रुपए माफ कर उद्योग घरानों को खुश करने में लगी है. वहीं छोटे दुकानदारों, कारोवारियों, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों, चाय, सब्जी विक्रेताओं और अन्य खुदरा कारोबारियों पर रोजमर्रा लेन-देन पर टैक्स लगाकर उन्हें भुखमरी के कगार पर लाने का काम कर रही है. सरकार के इस गरीब व जन विरोधी फैसले की निंदा करता हूं.