बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में वार्ड के बाहर रखे मृत नवजात का शव आवारा कुत्ते उठा ले गए. परिजनों को तलाश के दौरान बच्चे के सिर्फ हाथ और पैर मिले, जिसके बाद डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए.

बांदा. स्थित रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में सोमवार तड़के एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया. अस्पताल परिसर में वार्ड के बाहर रखा मृत नवजात का शव आवारा कुत्ते उठा ले गए. परिजनों को तलाश के दौरान बच्चे के केवल हाथ और पैर मिले. घटना के बाद जिला प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं.

रास्ते में हुआ प्रसव

जानकारी के मुताबिक, गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव निवासी गणेश प्रसाद की पत्नी गुड़िया को रविवार देर रात प्रसव पीड़ा हुई. परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में उन्होंने मृत नवजात को जन्म दिया.

मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया, जबकि गुड़िया को अस्पताल के वार्ड में भर्ती कर लिया गया. सोमवार तड़के परिजन वार्ड के बाहर नवजात के शव को अपने पास रखकर सो रहे थे.

कुत्ते उठा ले गए शव

इसी दौरान आवारा कुत्ते वहां पहुंचे और नवजात के शव को उठाकर ले गए. कुछ समय बाद जब परिजनों की नींद खुली तो शव अपनी जगह पर नहीं मिला. उन्होंने अस्पताल परिसर में बच्चे की तलाश शुरू की, जहां उन्हें केवल उसके हाथ और पैर बरामद हुए.

परिजनों के मुताबिक, कुत्तों ने नवजात के धड़ को बुरी तरह नोच डाला था. घटना की जानकारी अस्पताल कर्मचारियों और पुलिस को दी गई. परिवार ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चिंता जताई कि ऐसी लापरवाही भविष्य में किसी जीवित बच्चे के लिए भी खतरा बन सकती है.

डीएम ने दिए जांच के निर्देश

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की है. बांदा के जिलाधिकारी अमित असरी ने बताया कि घटना उनके संज्ञान में है और इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है.

डीएम ने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.