RBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की अहम बैठक आज (5 अक्टूबर) से शुरू होने जा रही है। इस तीन दिवसीय बैठक में लिए गए फैसलों का ऐलान 7 अक्टूबर को होगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच होने वाली आरबीआई की मीटिंग में नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट (RBI Repo Rate) में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी की पूरी संभावना दिख रही है। बेकाबू महंगाई रोकने के लिए RBI ये फैसला ले सकती है। इससे ब्याज दर 5.50% तक पहुंच सकती है।
अगर ऐसा हुआ तो बैंक लोन महंगा (Bank loan) हो जाएगा। साथ ही त्योहारी सीजन में आम खरीदारों की जेब पर इसका असर पड़ेगा। इससे त्योहारी सीजन में बाजार में मायूसी देख ने को मिल सकती है।
बता दें कि अगस्त में हुई पिछली बैठक के बाद से हालात काफी बदल चुके हैं। उस समय कच्चे तेल के दाम औसतन 91 डॉलर प्रति बैरल थे। सितंबर की शुरुआत में कीमतें 100 डॉलर पार कर गईं। सप्लाई में रुकावटों से 9 सितंबर को ये 113 डॉलर तक पहुंच गई थीं। सितंबर के आखिर में ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर पर बंद हुआ, जो रिजर्व बैंक के 85 डॉलर के अनुमान से काफी अधिक है। वहीं कमजोर मानसूनी बारिश ने खेती को चोट पहुंचाई है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में खुदरा महंगाई रिजर्व बैंक के 6% के दायरे से बाहर जा सकती है।
वैश्विक बाजार का भी RBI पर दबाव
घरेलू महंगाई के अलावा वैश्विक बाजार भी रिजर्व बैंक पर दबाव बना रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पिछले महीने ब्याज दरें बढ़ाई थीं और अक्टूबर में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। अमेरिका और जापान जैसे देश भी महंगाई थामने के लिए दरें बढ़ा रहे हैं।अमेरिका में दरें बढ़ने से दोनों देशों के 10 साल के बॉन्ड यील्ड का अंतर घटकर सिर्फ 189 बेसिस पॉइंट्स रह गया है, जो दशकों का निचला स्तर है। भारत की यील्ड 7.21% और अमेरिका की 5.32% पर है। कम अंतर होने से विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी बाजार आकर्षक हो जाते हैं। बंधन एएमसी के सीआईओ सुयश चौधरी के मुताबिक, मजबूत डॉलर और महंगे कमोडिटी की वजह से भारत को वैश्विक दरों के रुख का सम्मान करना होगा।

SBI ने रेपो रेट बढ़ाने की अपील की है
इधर बढ़ती महंगाई के कारण देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई (RB) से रेपो रेट बढ़ाने की अपील की है। वो भी एक नहीं दो बार रेपो रेट बढ़ाने की अपील की है। SBI ने अपनी नई रिसर्च रिपोर्ट में RBI को अक्टूबर और दिसंबर में 25-25 बेसिस पॉइंट की दो बढ़ोतरी करने की सलाह दी है। हालांकि RBI ने अभी रेपो रेट बढ़ाने का कोई फैसला नहीं किया है। फिलहाल रेपो रेट 5.25 फीसदी पर स्थिर है और अगस्त की बैठक में RBI ने लगातार चौथी बार इसमें कोई बदलाव नहीं किया था।
SBI रिसर्च के मुताबिक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, बाहरी झटके और महंगाई से जुड़े जोखिम ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें हाल में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी हैं। SBI रिसर्च के एक मॉडल में अगले 15 दिनों में क्रूड के 123 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि रिपोर्ट ने इसे स्ट्रेस सिनेरियो बताया है। सामान्य अनुमान नहीं। दूसरे मॉडल में अगले 15 दिनों के दौरान क्रूड की औसत कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान लगाया गया है।
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