गुजरात सरकार ने राज्यवासियों के स्वास्थ्य और डेयरी किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने राज्य में नॉन-स्टैंडर्ड एनालॉग पनीर, बटर और चीज़ के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।

कार्रवाई का मुख्य कारण

फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (FDCA) द्वारा की गई व्यापक सैंपलिंग और लैब जांच में बाजार में नकली और घटिया क्वालिटी के डेयरी विकल्पों (डेयरी सब्स्टिट्यूट) की पुष्टि हुई थी। ये उत्पाद सस्ते वनस्पति तेल और केमिकल्स से बनाए जा रहे थे, जो असली डेयरी उत्पादों के नाम पर ग्राहकों को बेचे जा रहे थे। इससे ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा था और राज्य के लाखों पशुपालकों को नुकसान पहुँच रहा था।

क्या होता है एनालॉग पनीर?

  • निर्माण: यह असली दूध से नहीं, बल्कि पानी, सस्ते मिल्क पाउडर, स्टार्च, पाम ऑयल और इमल्सिफायर रसायनों के मिश्रण से तैयार किया जाता है।
  • असर: इसमें प्राकृतिक पोषक तत्व नहीं होते। इसका लगातार सेवन सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। कम लागत के कारण अक्सर होटल, ढाबों और कैटरर्स द्वारा इसका इस्तेमाल किया जाता था।

कड़े कानूनी प्रावधान

सरकार ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSSA), 2006 के तहत यह प्रतिबंध लागू किया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गुजरात देश का प्रमुख डेयरी राज्य है और ‘अमूल’ जैसे ब्रांड्स के साथ नागरिकों को शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार ने सभी व्यापारियों, होटलों और कैटरर्स से केवल मानक डेयरी उत्पादों का ही उपयोग करने की अपील की है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp

https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें

उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें

लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें

खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें