बरेली के नवाबगंज में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने शिक्षा, रोजगार, महंगाई और निजीकरण को लेकर सरकार पर निशाना साधा. सम्मेलन में बुनकर-दस्तकार समाज की पारंपरिक कला, शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
बरेली. जिले के नवाबगंज में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने शिक्षा, रोजगार, महंगाई और सार्वजनिक व्यवस्थाओं के निजीकरण के मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा महंगी होने और रोजगार के अवसर सीमित रहने से सामान्य परिवारों के युवाओं के सामने भविष्य को लेकर कई चुनौतियां हैं.
सरकार पर लगाए आरोप
राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि सरकार की घोषणाओं और बाद में लिए जाने वाले फैसलों में अंतर दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़ी व्यवस्थाओं को धीरे-धीरे निजी हाथों में सौंपने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जिसका असर आम लोगों पर पड़ सकता है.
शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सामान्य परिवारों के छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसी उच्च शिक्षा लेना चाहते हैं, लेकिन फीस और दूसरे खर्च उनके लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं. उन्होंने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की निश्चितता नहीं होने से युवाओं की परेशानी और बढ़ती है.
शिक्षा और रोजगार पर जोर
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ने महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा के बढ़ते खर्च को आम परिवारों से जुड़े प्रमुख मुद्दे बताया. उन्होंने सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया.
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहुल गांधी के नेतृत्व को मजबूत करने की अपील की. साथ ही कहा कि कांग्रेस लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रही है.
बुनकरों की चुनौतियां
दस्तकार-बुनकर सम्मेलन में पारंपरिक कला और हुनर को बचाने के साथ शिक्षा तथा तकनीकी ज्ञान पर ध्यान देने की बात कही गई. सम्मेलन में कहा गया कि बदलते समय में पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक और शिक्षा से जोड़ना जरूरी है.
दस्तकार-बुनकर प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक हसन आरिफ ने कहा कि बुनकर समाज के सामने पारंपरिक रोजगार को बचाने और आर्थिक स्थिति मजबूत करने की चुनौती है. उन्होंने शिक्षा, रोजगार और अधिकारों को लेकर समाज को जागरूक होने की जरूरत बताई.
उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष मनोज यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन मुद्दों और उम्मीदों के आधार पर लोगों ने भाजपा को समर्थन दिया था, उन पर जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिला. उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों और मुद्दों को लेकर जागरूक होने की जरूरत बताई.



