बरेली विकास प्राधिकरण ने सुर्खा क्षेत्र में महामंडलेश्वर आचार्य संजीव गौड़ की गौशाला को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक, बिना स्वीकृति निर्माण और कई नोटिस के बावजूद परिसर खाली नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में तीसरी बार कार्रवाई की गई.

बरेली. जिले के सुर्खा क्षेत्र में गुरुवार सुबह बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने महामंडलेश्वर आचार्य संजीव गौड़ की गौशाला को ध्वस्त कर दिया. पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से पहले परिसर में मौजूद सभी गोवंश को बाहर निकालकर नगर निगम की गौशाला भेजा गया. इस परिसर पर इससे पहले भी दो बार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो चुकी थी.

सुबह पहुंची बीडीए टीम

यह गौशाला प्रेमनगर थाना क्षेत्र में जीआरएम स्कूल के पास रेलवे लाइन के नजदीक संचालित हो रही थी. गुरुवार सुबह बीडीए के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और संभावित विरोध को देखते हुए आसपास के रास्तों पर आवाजाही रोक दी गई.

कार्रवाई शुरू करने से पहले गौशाला को खाली कराया गया. वहां मौजूद सभी गोवंश को सुरक्षित निकालकर नगर निगम की गौशाला पहुंचाया गया. इसके बाद बुलडोजर की मदद से परिसर में बने निर्माण को ढहा दिया गया.

बिना मंजूरी हुआ था निर्माण

बीडीए अधिकारियों के अनुसार, गौशाला का निर्माण प्राधिकरण से जरूरी स्वीकृति लिए बिना कराया गया था. इस संबंध में संचालक को पहले कई बार नोटिस जारी कर निर्माण हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन नोटिस के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया.

अधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में यह तीसरी बार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है. बीडीए का कहना है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया.

महामंडलेश्वर ने क्या कहा?

गौशाला संचालक महामंडलेश्वर आचार्य संजीव गौड़ ने कहा कि वह न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं. उन्होंने बताया कि अधिकारियों से गौशाला का सामान और गायों को हटाने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन उन्हें और समय नहीं मिल सका.

वहीं, बीडीए सचिव हिमांशु गुप्ता ने कहा कि कई बार नोटिस देने के बाद भी निर्माण नहीं हटाया गया था. इसके बाद पुलिस की निगरानी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई.