बरेली के बैरमनगर में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक गिरने को लेकर जल निगम ने सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में निर्माण गुणवत्ता में कमी से इनकार करते हुए तेज जलप्रवाह और नदी कटान को घटना की प्रमुख वजह बताया गया है.

बरेली. बीते मंगलवार को बरेली जिले के शेरगढ़ विकासखंड के ग्राम बैरमनगर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक गिरने को लेकर जल निगम (ग्रामीण) ने अपनी रिपोर्ट सरकार को दे दी है. रिपोर्ट में निर्माण गुणवत्ता में कमी को खारिज करते हुए अत्यधिक जलप्रवाह और किच्छा नदी के तेज कटान को प्रमुख कारण बताया गया है.

दरअसल, बीते मंगलवार को बरेली में 4 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन पानी की टंकी किच्छा नदी में समा गई थी. इस टंकी का निर्माण जल जीवन मिशन के तहत 2023 से हो रहा था.

टंकी के नदी में समाने के बाद से ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे.

नदी का जलप्रवाह बढ़ा

जल निगम (ग्रामीण) की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण के समय टैंक स्थल नदी से करीब 150 मीटर दूर था. साथ ही यह फ्लड जोन में भी शामिल नहीं था.

मिट्टी का परीक्षण कराकर स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण कराया जा रहा था. पर, पिछले सप्ताह अत्यधिक बारिश और गौला बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने की संभावना के बाद नदी का जलप्रवाह अचानक बढ़ा.

इसके चलते नदी की धारा बदली और महज 3-4 दिनों में तेजी से कटान करते हुए पानी टैंक परिसर के किनारे तक पहुंच गया. जल निगम ने सुरक्षा के लिए सैंड बैग और पिचिंग की व्यवस्था की, लेकिन पानी का बहाव अधिक और गहरा होने के कारण कटान रोकने की स्थायी व्यवस्था तत्काल संभव नहीं हो सकी.

नींव के आसपास मिट्टी बही

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज कटान से टैंक की करीब तीन मीटर गहरी नींव के आसपास की मिट्टी बह गई, जिससे नींव का धरातलीय सहारा कमजोर हुआ और टैंक एक तरफ झुक गया.

इसी वजह से 8 सितंबर को आंशिक रूप से निर्मित टैंक अस्थिर होकर नदी में गिर गया. रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि निर्माण के बाद नदी की धारा और तटरेखा में आया असामान्य बदलाव व प्राकृतिक परिस्थितियों से उत्पन्न तेज कटान घटना की प्रमुख वजह रही.