पटना। बाढ़ थाना क्षेत्र के मलाही इलाके में शिखा माइक्रो बेनिफिट फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक फर्जी फाइनेंस कंपनी का ऑफिस खोलकर गरीब और भोले-भाले ग्रामीणों को अपनी ठगी का शिकार बनाया गया है। आरोप है कि कंपनी के संचालक और कर्मचारी करीब 100 से अधिक लोगों से 10 से 15 लाख रुपए की भारी-भरकम रकम ऐंठकर रातों-रात ऑफिस बंद कर फरार हो गए हैं। इस घटना के बाद इलाके के पीड़ितों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
लोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान का लालच देकर बनाया शिकार
मिली जानकारी के अनुसार, इन ठगों ने स्थानीय ग्रामीणों को अपने जाल में फंसाने के लिए एक बहुत ही शातिर तरीका अपनाया। आरोपियों ने लोगों को 60 हजार रुपए तक का आसान लोन दिलाने का झांसा दिया। ग्रामीणों के सामने यह शर्त रखी गई कि लोन पास होने की प्रक्रिया के तहत उन्हें पहले टीवी, फ्रिज, मिक्सी, इंडक्शन और प्रेशर कुकर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने होंगे। इसी बहाने प्रत्येक पीड़ित से 3 से 4 हजार रुपए नकद ले लिए गए। ठगों ने विश्वास दिलाया था कि जैसे ही वे ये सामान खरीदेंगे, उसके तुरंत बाद उनके बैंक खातों में लोन की बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी जाएगी।
पीड़ितों की जुबानी, कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
सबनीमा गांव की रहने वाली ममता देवी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि कुछ लोग उनके घर पर लोन का प्रचार करने के लिए आए थे। उनके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद ममता देवी से एक फॉर्म भरवाया गया और उनसे 4 हजार रुपए ले लिए गए। उन्हें कहा गया कि जल्द ही उनके घर पर इलेक्ट्रॉनिक सामान भेज दिए जाएंगे और उसके बाद लोन का पैसा मिलेगा, लेकिन न तो उन्हें कोई सामान मिला और न ही बैंक खाते में पैसे आए।
वहीं, मीर मोहल्ला के रहने वाले मोहम्मद अनवर ने बताया कि उनसे कहा गया था कि इलाके में एक नया बैंक खुला है जो आसानी से लोन देता है। लोन पाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना अनिवार्य बताया गया। अनवर के मुताबिक, उनके मोहल्ले के सात लोगों ने मिलकर आरोपियों को कुल 21 हजार रुपए दिए थे। जब बुधवार को लोग सामान और लोन के सिलसिले में उस ऑफिस पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला। इसके बाद जब कथित कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया, तो सभी के फोन स्विच ऑफ मिले।
हंगामे के बाद हरकत में आई पुलिस
बुधवार की शाम को जब ठगी के शिकार ग्रामीण और महिलाएं शिखा माइक्रो बेनिफिट फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के ऑफिस के बाहर पहुंचे और वहां ताला लटका देखा, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने ऑफिस के बाहर जमकर हंगामा किया और स्थानीय पुलिस को इस पूरे फर्जीवाड़े की सूचना दी। सूचना मिलते ही बाढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है ताकि इन शातिर ठगों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके।

