Barmer Home Guard Recruitment 2022: सीमा गृह रक्षा दल की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। वर्ष 2022 की भर्ती में चयन सूची में जगह बनाने और बोनस अंक हासिल करने के लिए 17 अभ्यर्थियों पर फर्जी प्रमाण-पत्र जमा करने का आरोप है।

विभागीय सत्यापन में स्काउट, खेलकूद, कंप्यूटर, आईटीआई, एनसीसी, ड्राइविंग लाइसेंस और जाति प्रमाण-पत्र से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बाद बाड़मेर के कोतवाली थाने में 17 अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है।

सत्यापन में खुली फर्जी प्रमाण-पत्रों की परत

मामला तब सामने आया जब भर्ती में जमा कराए गए दस्तावेजों की जांच और सत्यापन कराया गया। शिकायत के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों ने चयन सूची में अपनी स्थिति बेहतर करने और बोनस अंक पाने के लिए कूटरचित प्रमाण-पत्र लगाए थे। जांच में स्काउट-गाइड, खेलकूद, कंप्यूटर और आईटीआई से जुड़े प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए। इसके अलावा एक अभ्यर्थी पर अपनी वास्तविक जाति छिपाकर गलत वर्ग का प्रमाण-पत्र लगाने का आरोप भी है।

विभाग की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस

फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद सीमा गृह रक्षा दल बाड़मेर के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी दीपसिंह ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 17 अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होमगार्ड कमांडेंट महेंद्र सिंह के मुताबिक, 2022 की भर्ती में नौकरी पाने वाले इन अभ्यर्थियों की ओर से जमा कराए गए खेलकूद, स्काउट, आईटीआई और कंप्यूटर प्रमाण-पत्रों की जांच की गई थी। सत्यापन में दस्तावेज फर्जी पाए जाने के बाद पुलिस कार्रवाई कराई गई।

रामसर कंपनी में सबसे ज्यादा अभ्यर्थियों के नाम

विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार रामसर कंपनी के कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज जांच के दायरे में आए। प्रेमसिंह निवासी हाथमा पर फर्जी स्काउट प्रमाण-पत्र लगाने का आरोप है। देवीसिंह निवासी हाथमा ने कंप्यूटर, आईटीआई और खेलकूद प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए। भीखसिंह निवासी इंद्रोई पर स्काउट प्रमाण-पत्र, पिंटूसिंह निवासी मौसेरी पर खेलकूद प्रमाण-पत्र लगाने का आरोप है। सवाईसिंह निवासी हाथमा, दशरथसिंह निवासी इंद्रोई और सुखदेव सिंह निवासी राजपुरोहितों का वास के मामले में स्काउट प्रमाण-पत्र सामने आए।

हेमाराम निवासी पाबूसरिया कंटल का पार पर एसटी वर्ग से होने के बावजूद एससी वर्ग का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने का आरोप है। जसवंत सिंह निवासी लीलनगर ने खेलकूद और स्काउट प्रमाण-पत्र, जबकि रायपालसिंह निवासी इंद्रोई ने कंप्यूटर और आईटीआई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए थे।

धोरीमन्ना और शोभाला कंपनी में भी सामने आई गड़बड़ी

धोरीमन्ना कंपनी में रमेश कुमार निवासी राणासर कल्ला पर फर्जी कंप्यूटर प्रमाण-पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत करने का आरोप है। शोभाला कंपनी में महेंद्रपाल सिंह निवासी नवातला जेतमाल ने खेलकूद और स्काउट प्रमाण-पत्र लगाए। दशरथसिंह निवासी लिडियाला ने आईटीआई, खेलकूद और स्काउट प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए। नखतसिंह निवासी देदूसर पर फर्जी खेलकूद और स्काउट प्रमाण-पत्र लगाने का आरोप है।

चौहटन कंपनी में भी तीन नाम

चौहटन कंपनी में चंदन सिंह निवासी ईटादा पर आईटीआई, खेलकूद, स्काउट प्रमाण-पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत करने का आरोप है। भूपेंद्र सिंह निवासी दुधवा ने आईटीआई और एनसीसी प्रमाण-पत्र लगाए। गोविंद कुमार निवासी सणाऊ पर खेलकूद प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने का आरोप है। इन दस्तावेजों के सत्यापन में गड़बड़ी सामने आने के बाद सभी 17 अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दी गई।

अब पुलिस जांच में जुटी

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल कार्रवाई का आधार विभागीय सत्यापन में सामने आए फर्जी दस्तावेज हैं। आगे पुलिस जांच में इन दस्तावेजों से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।

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