Barmer Medical College Ragging Case: राजस्थान के बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में जूनियर विद्यार्थियों के साथ कथित रैगिंग और अपमानजनक व्यवहार के मामले में कॉलेज प्रशासन ने करीब 80 MBBS छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

एंटी रैगिंग कमेटी की अनुशंसा पर 5 से 7 विद्यार्थियों को हॉस्टल से स्थायी रूप से निष्कासित किया गया है, जबकि अन्य छात्रों को 7, 15 और 30 कार्य दिवस तक शैक्षणिक गतिविधियों से बाहर रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा सभी संबंधित विद्यार्थियों पर एक साल तक सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों में भाग लेने पर रोक लगाई गई है। मामले में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने भी कॉलेज प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

अश्लील सामग्री पढ़ने और अपमानजनक निर्देश देने के आरोप

मामले में सीनियर विद्यार्थियों पर जूनियर्स के साथ रैगिंग के नाम पर अश्लील सामग्री पढ़वाने, जबरन बाल कटवाने और ‘व्हाइट हाउस’ नाम की जगह पर ले जाकर अपमानजनक निर्देश देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच कराई। इसके बाद एंटी रैगिंग कमेटी की सिफारिश पर कार्रवाई की गई।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनूप गुर्जर ने बताया कि करीब 80 विद्यार्थियों पर अलग-अलग स्तर की अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। कुछ छात्रों को हॉस्टल से स्थायी रूप से निष्कासित किया गया है, जबकि अन्य को तय अवधि तक शैक्षणिक गतिविधियों से दूर रखा गया है।

कॉलेज से तीन किलोमीटर दूर है ‘व्हाइट हाउस’

प्राचार्य के मुताबिक, जांच में पता चला कि विद्यार्थियों के बीच व्हाट्सएप पर सीनियर और जूनियर के अलग-अलग ग्रुप बने हुए थे। इनमें एक PDF साझा की गई थी, जिसमें आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में कुछ सीनियर और जूनियर विद्यार्थी भी आपस में मिले हुए थे और गतिविधियां ऑनलाइन माध्यम से हुई थीं।

शिकायत में जिस ‘व्हाइट हाउस’ का जिक्र किया गया है, वह मेडिकल कॉलेज से करीब तीन किलोमीटर दूर एक सुनसान जगह पर स्थित कमरा है। वहीं, जबरन बाल कटवाने के आरोपों पर प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि कॉलेज परिसर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। उनके अनुसार, कुछ विद्यार्थियों ने कॉलेज से बाहर एक सैलून में जाकर बाल कटवाए थे। कॉलेज से बाहर आने-जाने वाले हर विद्यार्थी की गेट पर रखे रजिस्टर में एंट्री दर्ज होती है।

NMC ने मांगी रिपोर्ट, कॉलेज प्रशासन ने भेजा जवाब

रैगिंग के मामले को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने भी गंभीरता से लिया है। आयोग ने कॉलेज प्रशासन से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। प्राचार्य डॉ. अनूप गुर्जर के मुताबिक, कॉलेज की ओर से रिपोर्ट भेज दी गई है।

हॉस्टल में CCTV और सुरक्षा के इंतजाम का दावा

प्राचार्य ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए कॉलेज में छात्र और छात्राओं के अलग-अलग हॉस्टल बनाए गए हैं। परिसर की निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा गार्डों को वॉकी-टॉकी भी दिए गए हैं, ताकि किसी घटना की सूचना तत्काल साझा की जा सके।

डॉ. गुर्जर के अनुसार, वे खुद हर शाम हॉस्टल का राउंड लेते हैं और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनते हैं। हालांकि, उनके मुताबिक इससे पहले इस तरह की कोई समस्या उनके सामने नहीं आई थी। कॉलेज प्रशासन को इस मामले में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से मिली शिकायत के बाद कार्रवाई करनी पड़ी।

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