यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच स्थिति काफी तनावपूर्ण दिनों-दिन बढ़ती जा रही है. हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ बड़ा हमला करने का दावा किया है. हूतियों के मुताबिक, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन से यानबू में सऊदी अरामको की तेल सुविधाओं और रियाद में एक संवेदनशील ठिकाने को निशाना बनाया गया. हूतियों ने 6 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन उनका यह हमला नाकाम हो गया.
सऊदी अरब के सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी के पोर्ट और शहर को टारगेट करते हुए बैलेस्टिक मिसाइलें चलाईं.
सऊदी अरब को हूती विद्रोही एक के बाद एक दर्द देते हुए गल्फ में कोहराम मचा रखा है. हूतियों के मुताबिक, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन से यानबू में सऊदी अरामको की तेल सुविधाओं और रियाद में एक संवेदनशील ठिकाने को निशाना बनाया गया. लेकिन सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को रोक दिया.

यमन में सऊदी अरब समर्थित गठबंधन सरकार के प्रवक्ता तुर्की अल-माल्की ने कहा है कि उनकी सेना ने हूती विद्रोहियों द्वारा लॉन्च की गई सभी मिसाइलों को मार गिराया.
हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता और सऊदी मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की का यह बयान सऊदी नागरिक सुरक्षा अधिकारियों की चेतावनी के बाद आया; अधिकारियों ने बाद में कहा कि ख़तरा टल गया है.
दरअसल, यानबू पर यह हमला तब हुआ है, जब कुछ ही घंटे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने घोषणा की थी कि फ्रांस उस आरामको फैसिलिटी की सुरक्षा के लिए सैनिक, रडार और वायु रक्षा प्रणालियां तैनात करेगा. साथ ही कुछ दिन पहले ही यूके ने भी सऊदी अरब को सीमित सैन्य सहायता का वादा किया था.
हालांकि सऊदी अरब ने अपने सहयोगियों से सैन्य मदद मांगी है, लेकिन उनके मुख्य सहयोगी अमेरिका ने कहा है कि वह हूतियों के संपर्क में है और संकेत दिया है कि वह इस लड़ाई से दूर रहेगा.
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