Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर दशहरा में शामिल एक हजार से अधिक देवी-देवताओं के समागम के बाद अब विदाई की बेला भी पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूरी हुई. जगदलपुर के महात्मा गांधी स्कूल परिसर में आयोजित कुटुंब जात्रा में बस्तर संभाग के 84 परगना के साथ ओडिशा, तेलंगाना और धमतरी से देवी-देवता पहुंचे. मां दंतेश्वरी के छत्र के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव की मौजूदगी में दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी प्रेम पाढ़ी ने पूजा-विधान संपन्न कराया. इस दौरान परंपरा के अनुसार सात मांगुर मछलियां अर्पित की गईं और एक बकरे की बलि दी गई. मनौती पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने बकरा, मुर्गा, बतख और कबूतर अर्पित कर देवी-देवताओं के प्रति आभार जताया. वहीं, बड़ी संख्या में भक्तों ने बस्तर की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगीं. कुटुंब जात्रा में शामिल होने वाले देवी-देवताओं को एक ही स्थान पर एकत्रित करने की परंपरा बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है. राजपरिवार के सदस्यों ने दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए देवी-देवताओं का आभार व्यक्त किया. पूजा-विधान पूरा होने के बाद ग्राम देवी-देवताओं को ससम्मान विदाई दी गई और इसके साथ ही दशहरा की इस महत्वपूर्ण रस्म का समापन हुआ.

जोगी उठने के बाद खेतों में लौटी रफ्तार, परंपरा के सम्मान में किसानों ने रोकी थी धान कटाई

जगदलपुर. बस्तर में धान की फसल पकने के बाद भी किसान कटाई शुरू करने के लिए बस्तर दशहरा की जोगी परंपरा पूरी होने का इंतजार कर रहे थे. अब जोगी उठाई की रस्म संपन्न होने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में धान कटाई का सिलसिला शुरू हो गया है. कम अवधि में तैयार होने वाली धान की फसल खेतों में कटाई के लिए पहले से तैयार खड़ी थी. इसके बावजूद स्थानीय मान्यताओं के सम्मान में किसानों ने फसल काटने की जल्दबाजी नहीं की. बस्तर में दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण जनजीवन और कृषि गतिविधियों से भी गहराई से जुड़ा हुआ है. यहां जोगी की परंपरा के दौरान किसान धान कटाई से परहेज करते हैं और रस्म पूरी होने के बाद ही काम आगे बढ़ाते हैं. यही वजह है कि फसल तैयार होने के बावजूद खेतों में कटाई की शुरुआत परंपरा के अनुसार की जाती है. अब जोगी उठने के बाद किसान खेतों में पहुंचकर धान की कटाई और फसल समेटने में जुट गए हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियां तेज होने के साथ आने वाले दिनों में कटाई का काम और बढ़ने की संभावना है. बस्तर की यह परंपरा बताती है कि यहां खेती-किसानी केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आस्था और सामाजिक जीवन का भी अहम हिस्सा है.

Bastar News Update : बचेली के गौरव पथ पर ट्रकों का कब्जा, पुलिस के निर्देशों के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था

दंतेवाड़ा. बचेली में यातायात व्यवस्था सुधारने और प्रमुख सड़कों को भारी वाहनों की अवैध पार्किंग से मुक्त कराने के दावों पर अब सवाल उठने लगे हैं. नगर के गौरव पथ पर नंदराज पेट्रोल पंप से पुराने मार्केट तक सड़क के दोनों ओर ट्रकों की कतारें लगी हुई हैं. इससे एक ओर नगर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों के लिए आवागमन भी मुश्किल बना हुआ है. दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को सड़क पर निकलते समय परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. हैरानी की बात यह है कि थाना प्रभारी अर्जुन पटेल ने बीटीओए को लिखित निर्देश जारी कर भारी वाहन हटाने को कहा था. ट्रक एसोसिएशन, वाहन मालिकों और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक में भी बारिश के बाद सड़क किनारे पार्किंग बंद करने पर सहमति बनी थी. बारिश का मौसम खत्म होने और नवरात्रि-दशहरा जैसे प्रमुख पर्व बीतने के बाद भी हालात में बदलाव नहीं आया है. पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना और वैधानिक कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन सड़क पर ट्रकों का जमावड़ा अब भी बना हुआ है. ऐसे में सवाल है कि लिखित निर्देशों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? नगरवासियों की मांग है कि गौरव पथ से भारी वाहन तत्काल हटाए जाएं और नियमित निगरानी के साथ नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाए.

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

कोंडागांव. जिले के माकड़ी थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान तमरावण्ड निवासी 21 वर्षीय तेमेश नेताम के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की मां ने 7 अक्टूबर 2026 को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए. शिकायत के अनुसार, इस घटना के चलते पीड़िता गर्भवती हो गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था, जिसके बाद उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की गई. पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में कार्रवाई की गई. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया. पुलिस ने आरोपी को 24 अक्टूबर को न्यायालय में पेश किया, जहां उसे न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई.

दशहरा देखने जा रहे लोगों की बोलेरो पेड़ से टकराई, सेना के जवान की मौत; छह घायल

कोंडागांव. जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र में दशहरा कार्यक्रम देखने जा रहे लोगों की बोलेरो सड़क हादसे का शिकार हो गई. शुक्रवार रात करीब 10 बजे गट्टीपलना मोड़ के पास वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया. हादसे में सेना के जवान सुंदरलाल नेताम की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान मनीष नेताम गंभीर रूप से घायल हो गए. बोलेरो में कुल सात लोग सवार थे, जो ग्राम पांडेआठगांव में आयोजित दशहरा कार्यक्रम देखने जा रहे थे. दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और वाहन में सवार अन्य लोगों को भी चोटें आईं. घटना की सूचना मिलने पर सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया. घायल मनीष नेताम के साथ नंदलाल नेताम, दिनेश नेताम, सुनेश मरकाम, तेजलाल नेताम और परदेशी कोर्राम को भी उपचार के लिए फरसगांव अस्पताल में भर्ती कराया गया. मृतक सुंदरलाल नेताम ग्राम पल्ली के निवासी थे और उनके पिता का नाम सुबेलाल नेताम बताया गया है. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है. फिलहाल फरसगांव पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है, जिसके बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.

पेयजल व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी, 57.71 करोड़ से घरों तक पहुंचेगा ज्यादा पानी

जगदलपुर. बस्तर नगर पंचायत में पेयजल की समस्या दूर करने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए 57 करोड़ 71 लाख रुपये की नई जलप्रदाय योजना को मंजूरी दी गई है. अमृत मिशन 2.0 के तहत तैयार इस योजना में मारकंडी नदी से पानी लाकर उसका शुद्धीकरण करने के बाद घरों तक पहुंचाया जाएगा. योजना पूरी होने पर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल उपलब्धता 65 लीटर से बढ़ाकर 135 लीटर करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए नगर में करीब 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 2700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे. मारकंडी नदी के चपका एनीकट में इंटेकवेल बनाया जाएगा, जहां से कच्चा पानी पाइपलाइन के जरिए जल शोधन संयंत्र तक पहुंचेगा. यहां तीन एमएलडी क्षमता वाले संयंत्र में पानी को शुद्ध कर नगर में आपूर्ति की जाएगी. जल भंडारण और वितरण व्यवस्था मजबूत करने के लिए 500 किलोलीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार भी बनाया जाएगा. राज्य शहरी विकास अभिकरण से प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद योजना को जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. स्वीकृत राशि में पांच वर्षों तक संचालन और संधारण का खर्च भी शामिल है. उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने इसे नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है. वहीं, विभागीय प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, नियमित निगरानी और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. अब योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माण निर्धारित समय पर पूरा हो और पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी हर घर तक पहुंचे.

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H