Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर दशहरा की धार्मिक परंपराओं में शामिल बेल पूजा अब अपने खास पड़ाव पर पहुंच गई है. सरगीपाल गांव में इस अनूठे अनुष्ठान को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. शनिवार देर रात मां दंतेश्वरी मंदिर के प्रधान पुजारी और मांझी-मुखिया गांव पहुंचकर पूजा की रस्म निभाएंगे. प्राचीन बेल वृक्ष पर जोड़े में लगे फलों को लाल वस्त्र से बांधकर देवी को विधिवत आमंत्रण दिया जाएगा. लोकमान्यता के अनुसार, युग्म बेल को भगवान शिव और माता पार्वती का प्रतीक माना जाता है. रविवार सुबह 11 बजे राजपरिवार, राजगुरु, पुजारी और ग्रामीणों की मौजूदगी में विशेष पूजा-अर्चना होगी. इसके बाद परंपरागत विधि से बेल के दोनों फलों को वृक्ष से उतारा जाएगा. इस दौरान सरगीपाल में पारंपरिक गीत-संगीत और गाजे-बाजे के साथ उत्सव का माहौल रहेगा. ग्रामीण इस आयोजन को अपनी पुत्री के विवाह जैसे मांगलिक संस्कार के रूप में मनाते हैं. हल्दी लगाने और हल्दी-पानी छिड़कने की रस्म के बीच गांव में विवाह जैसा उल्लास दिखाई देगा. पूजा के बाद शोभायात्रा के साथ युग्म बेल को मां दंतेश्वरी मंदिर लाया जाएगा, जहां विधिवत स्थापना होगी. बेल पूजा की यह परंपरा बस्तर दशहरा की सांस्कृतिक विरासत, लोकआस्था और जनजातीय परंपराओं की विशिष्ट पहचान है.
मेटगुड़ा में डोडा बेचने की तैयारी, पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
जगदलपुर. शहर में प्रतिबंधित मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने पुलिस ने कार्रवाई की है. बोधघाट थाना क्षेत्र में दबिश देकर पुलिस ने डोडा बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 994 ग्राम डोडा यानी पॉपी स्ट्रॉ बरामद किया गया. जब्त मादक पदार्थ की कीमत पुलिस ने 29 हजार 940 रुपये आंकी है. पुलिस के मुताबिक, 16 अक्टूबर को मेटगुड़ा स्थित रेलवे स्कूल मैदान के पास बिक्री की सूचना मिली थी. सूचना थी कि दो व्यक्ति डोडा लेकर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं. इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर किशोर दास और अंबर कश्यप को पकड़ लिया. पूछताछ के दौरान महादेवघाट निवासी अस्सू देवांगन की संलिप्तता सामने आने की बात पुलिस ने कही. इसके बाद पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया. तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है. पुलिस के अनुसार, 17 अक्टूबर को आरोपियों को विशेष एनडीपीएस न्यायालय में पेश किया गया. पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जांच की जा रही है.
बंगाली कैंप तालाब की बदहाली, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से पहले सफाई की मांग
किरंदुल. नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के बीच अब प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. नगर में विसर्जन के प्रमुख स्थल बंगाली कैंप तालाब की हालत श्रद्धालुओं और पूजा समितियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. आरोप है कि तालाब में बारिश के पानी के साथ खनन क्षेत्र का पानी भी पहुंचता है. वहीं, नगर की नालियों और कुछ घरों के शौचालयों का गंदा पानी भी तालाब में मिल रहा है. इसके चलते पानी दूषित होने और आसपास दुर्गंध फैलने की समस्या सामने आ रही है. नौ दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद इसी तालाब में प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था श्रद्धालुओं के सामने चुनौती बनी हुई है. दुर्गा पूजा समितियों का कहना है कि विसर्जन से पहले तालाब की सफाई कराने की मांग हर साल उठाई जाती है. पूजा शुरू होने से पहले आयोजित बैठकों में भी इस समस्या को नगर पालिका परिषद के सामने रखा जाता रहा है. इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से समितियों की परेशानी बरकरार है. नगर में दूसरा उपयुक्त विसर्जन स्थल नहीं होने के कारण इसी तालाब पर निर्भरता बनी हुई है. समितियों ने परिषद से तत्काल सफाई, स्वच्छ पानी और गंदे पानी की निकासी रोकने के इंतजाम करने की मांग की है. अब देखना होगा कि प्रतिमा विसर्जन से पहले प्रशासन व्यवस्था दुरुस्त कर पाता है या श्रद्धालुओं को इस बार भी बदहाल तालाब के बीच ही रस्म निभानी पड़ेगी.
बाढ़ ने छीनी कमाई, महिला समूहों पर बैंक किस्तों का बढ़ा बोझ
जगदलपुर. बस्तर में बाढ़ और अतिवृष्टि का असर अब ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भी दिखाई देने लगा है. फसल बर्बादी और मकानों को हुए नुकसान के बीच महिला स्व-सहायता समूहों के सामने बैंक ऋण चुकाने की चुनौती खड़ी हो गई है. ग्राम पंचायत टलनार क्षेत्र की महिला समूहों ने अपनी परेशानी विधायक लखेश्वर बघेल के सामने रखी है. महिलाओं के मुताबिक, लगातार बारिश और बाढ़ से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं. कई परिवारों के मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है. आय के प्रमुख स्रोत प्रभावित होने से महिला समूहों के लिए नियमित बैंक किस्त जमा करना कठिन हो गया है. समूहों का कहना है कि एक ओर परिवारों को नुकसान से उबरना है, वहीं दूसरी ओर ऋण की किस्त और ब्याज चुकाने का दबाव है. ऐसे में उन्होंने बैंक ऋण माफ करने या किस्तों और ब्याज में विशेष राहत दिलाने की मांग की है. महिला समूहों ने विधायक से आग्रह किया कि उनकी समस्या शासन और संबंधित विभागों तक पहुंचाई जाए. उनका मानना है कि समय पर आर्थिक राहत नहीं मिली तो प्रभावित परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. विधायक लखेश्वर बघेल ने महिलाओं की समस्याएं सुनकर उनकी मांगों को संबंधित स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया है. अब बाढ़ प्रभावित महिला समूहों की नजर शासन के अगले कदम पर है कि उन्हें ऋण के बोझ से राहत मिलती है या नहीं.
सुबह-शाम बढ़ी ठंडक, गर्म कपड़ों के कारोबारियों को अच्छे सीजन की उम्मीद
जगदलपुर. बस्तर में मौसम के बदलते मिजाज के साथ सर्दियों की आहट महसूस होने लगी है. सुबह और शाम के समय बढ़ती ठंडक ने लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत का अहसास कराना शुरू कर दिया है. इसी के साथ जगदलपुर के बाजारों में भी सर्दियों के सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं. दुकानों पर स्वेटर, जैकेट, गर्म टोपी, मफलर और दूसरे ऊनी कपड़ों की नई रेंज सजने लगी है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर व्यापारी अलग-अलग डिजाइन और कीमतों के कपड़े रख रहे हैं. हालांकि, मौसम में शुरुआती ठंडक के बीच कारोबारियों को अभी बिक्री में तेजी आने का इंतजार है. व्यापारियों की उम्मीद नवंबर और दिसंबर में बढ़ने वाली ठंड पर टिकी हुई है. पिछले साल ठंड का असर अपेक्षाकृत कम रहने से गर्म कपड़ों के कारोबार को अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल पाई थी. कम मांग के कारण दुकानदारों को ग्राहकों का इंतजार करना पड़ा और बिक्री भी प्रभावित हुई थी. इस बार मौसम में ठंडक बढ़ने के संकेतों से कारोबारियों को बेहतर व्यापार की उम्मीद है. खासकर बच्चों के स्वेटर और जैकेट सहित रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले गर्म कपड़ों की मांग बढ़ने की संभावना है. अब सर्दियों की तीव्रता तय करेगी कि बाजार में गर्म कपड़ों की बिक्री कितनी बढ़ती है और व्यापारियों की उम्मीदें कितनी पूरी होती हैं.
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