Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर का कोसारटेडा जलाशय अब पर्यटन की नई पहचान बनने की ओर बढ़ रहा है. अभी तक यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है. पर्यटक केवल जलाशय का नजारा देखकर वापस लौटने को मजबूर होते हैं. अब प्रशासन यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की तैयारी कर रहा है. जल्द ही पर्यटकों के ठहरने के लिए रिसॉर्ट की सुविधा उपलब्ध होगी. जलाशय में नौकायन शुरू करने की भी योजना पर काम चल रहा है. करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जा रही है. पुराने पार्क की जगह नए स्वरूप में आधुनिक पार्क तैयार किया जा रहा है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इससे रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे. पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी. हालांकि लोगों की मांग है कि शुल्क लेने के साथ बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं. आने वाले समय में.कोसारटेडा बस्तर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है.

गांजा तस्करी पर नगरनार पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जगदलपुर. बस्तर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार असर दिखा रहा है. नगरनार थाना पुलिस ने धनपुंजी आरटीओ नाका पर घेराबंदी कर एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया. आरोपी की पहचान तेलंगाना निवासी चोले मारूती के रूप में हुई है. उसके कब्जे से करीब 5 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया. जब्त मादक पदार्थ की कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये आंकी गई है. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर रायपुर की ओर जा रहा था. मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया. तलाशी के दौरान गांजे के दो पैकेट और नकद राशि भी बरामद हुई. आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है.

पूछताछ में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है. पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. बस्तर पुलिस ने साफ किया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.

जंगलों में छिपा नक्सली डंप उजागर, हथियारों से लेकर डिजिटल नेटवर्क तक बड़े सुराग

नारायणपुर. नारायणपुर में सुरक्षा बलों के लगातार अभियान का बड़ा परिणाम सामने आया है. सोनपुर क्षेत्र के कदेर जंगल में बीएसएफ ने नक्सलियों का बड़ा डंप बरामद किया. कार्रवाई के दौरान 78 मेमोरी कार्ड और विभिन्न क्षमता की 6 पेन ड्राइव मिलीं..साथ ही जीपीएस, आरएफ डिटेक्टर, एंटीना और अन्य संचार उपकरण भी बरामद हुए. डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच से नक्सली नेटवर्क के अहम राज खुलने की संभावना है. डंप से आठ राइफल-बंदूक, दो बीजीएल और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी मिला. बम निरोधक दस्ते ने मौके पर 44 बीजीएल शेल सुरक्षित तरीके से नष्ट किए. सर्चिंग के दौरान नक्सली साहित्य, वर्दी और चिकित्सा सामग्री भी बरामद हुई. यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई थी. सुरक्षा बल अब पुराने नक्सली ठिकानों और संभावित डंप की लगातार तलाश कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि नक्सल मुक्त क्षेत्रों में अभियान लगातार जारी रहेगा. इस कार्रवाई को क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है. 

ई-केवाईसी में लापरवाही, 81 हजार से अधिक राशन हितग्राहियों पर संकट

जगदलपुर. बस्तर जिले में राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी अब सबसे बड़ी चिंता बन गई है. निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी 81 हजार 835 सदस्यों का सत्यापन अधूरा है. ऐसे में हजारों परिवारों के राशन पर संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है. खाद्य विभाग का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक ही योजना का लाभ पहुंचाना है. ई-केवाईसी के जरिए डुप्लीकेट और अपात्र नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है. जिले की 485 राशन दुकानों में इसके लिए पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई थी. एक सदस्य की ई-केवाईसी पूरी करने में महज कुछ मिनट का समय लग रहा था. फिर भी बड़ी संख्या में लोग समय पर सत्यापन नहीं करा सके. सबसे ज्यादा लंबित मामले बकावंड और बस्तर ग्रामीण क्षेत्र में दर्ज हुए हैं. अब विभाग शासन की नई गाइडलाइन और संभावित समय-वृद्धि का इंतजार कर रहा है. हितग्राहियों से अपील की गई है कि विभागीय निर्देश जारी होते ही प्रक्रिया पूरी करें. समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर मुफ्त राशन योजना का लाभ प्रभावित हो सकता है.

विशेष लोक अदालत से चेक बाउंस मामलों के त्वरित समाधान की पहल

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा से पूरे प्रदेश के लिए विशेष लोक अदालत अभियान की शुरुआत हुई. मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस विशेष लोक अदालत का उद्देश्य चेक बाउंस मामलों का आपसी समझौते से समाधान करना है. प्रदेश के सभी 23 जिलों के न्यायालय वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े. करीब 7,930 मामलों को निराकरण के लिए सूचीबद्ध किया गया है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि समझौते से समय और धन दोनों की बचत होती है. उन्होंने पुराने लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर दिया. दौरे के दौरान उन्होंने जिला न्यायालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण भी किया. मुख्य न्यायाधीश ने माँ दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की. उन्होंने न्यायालय परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा भी लगाया. कार्यक्रम में न्यायपालिका, प्रशासन और अधिवक्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे. इस पहल को न्याय व्यवस्था को अधिक सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

संघर्ष से सफलता तक, दिव्यांग बेटी शिवबती ने तीरंदाजी में रचा नया इतिहास

कोण्डागांव. कोण्डागांव की एक बेटी ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ नई मिसाल कायम की है. श्रवण दिव्यांग शिवबती ने संभाग स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया. इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है. बचपन में माता-पिता को खोने के बाद उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा. बालिकागृह कोण्डागांव ने उन्हें शिक्षा और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया. उनकी खेल प्रतिभा को पहचानकर आईटीबीपी के प्रशिक्षकों ने विशेष प्रशिक्षण दिया. बाद में उनका चयन खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भी हुआ. महिला एवं बाल विकास विभाग ने आवश्यक खेल उपकरण उपलब्ध कराए. नियमित अभ्यास और दृढ़ संकल्प ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया. उनकी सफलता अब जिले की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है. प्रशासन और बाल कल्याण परिषद ने उन्हें आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दी हैं. अब पूरे जिले की नजर राज्य स्तर पर उनके प्रदर्शन पर टिकी हुई है.