Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों ने बिहार सरकार द्वारा ऐलान किए गए आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी के फैसले पर असहमति जाहिर की है। परिवार ने सबसे पहले एनकाउंटर में शामलि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें सजा दिलाने की मांग की है। इसके बाद सरकार द्वारा ऐलान किए गए सरकारी नौकरी और मुआवजे के प्रस्ताव पर वे विचार करेंगे।
सभी आरोपियों की हो गिरफ्तारी- आशा देवी
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि, पहले उन सभी लोगों की गिरफ्तारी होनी चाहिए, जो उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने एनकाउंटर में शामिल सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। इसके बाद परिवार सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता को लेकर फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता भरत तिवारी को इंसाफ दिलाने की है।
भाभी बोलीं- हमें इंसाफ चाहिए
भरत तिवारी की भाभी सुमन तिवारी ने भी सरकार के इस घोषणा पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि, अभी तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जबकि घटना के समय कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने सभी दोषी और घटना से जुड़े जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी और उन्हें सजा देने की मांग की है।
सुमन तिवारी ने कहा कि, परिवार मुख्यमंत्री की घोषणा से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने और घटनास्थल पर स्मारक बनाने की मांग भी की। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार आर्थिक सहायता लेकर चुप नहीं बैठेगा और उसे इंसाफ चाहिए।
17 जून को हुआ था भरत तिवारी का एनकाउंटर
गौरतलब है कि बीते 17 जून को भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस ने भरत तिवारी का एनकाउंटर किया था। हालांकि जिस तरह आत्मसमर्पण करने के बाद भरत तिवारी को गोली मारी गई। इसे लेकर काफी बवाल देखने को मिला था। हंगामा और बढ़ते दबाव को देखते हुए बिहार सरकार ने मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था, जिसके अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर अब सीएम सम्राट ने भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। साथ ही मामले की जांच और पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है।
ये भी पढ़ें- उत्तराखंड टनल हादसा: गोपालगंज के पिता-पुत्र समेत तीन मजदूर घायल, सदमे में परिजन


