Bastar News Update : जगदलपुर. चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से बस्तर में लगातार बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ रही है. बुधवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा, जिससे नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा. इंद्रावती नदी खतरे के निशान से करीब 2 मीटर ऊपर बह रही है और शाम तक जलस्तर 10.20 मीटर पहुंच गया. ओडिशा के खातीगुड़ा और मुरान बांध के गेट खोले जाने के बाद इंद्रावती का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है. जगदलपुर-बीजापुर एनएच-63 पर केशलूर के पास पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है. धनपूंजी और चौकावाड़ा के बीच भी सड़क पर पानी भरने से आवागमन रोकना पड़ा. इंद्रावती की मुख्य पुलिया बंद होने से हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. भारी बारिश के कारण शहर की गंगा मुंडा और श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड समेत कई निचली बस्तियों में पानी भर गया. रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन के चलते किरंदुल-विशाखापट्टनम रूट की ट्रेनें रद्द की गई हैं. खराब मौसम के कारण जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट भी रद्द रही. लगातार बारिश को देखते हुए 25 और 26 सितंबर को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है. प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाते हुए लोगों से जलमग्न रास्तों से दूर रहने की अपील की है.

भूस्खलन से केके लाइन पर रेल यातायात ठप

जगदलपुर. लगातार बारिश का असर अब बस्तर की रेल कनेक्टिविटी पर भी साफ दिखाई दे रहा है. केके लाइन के घाटी क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर दो जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. मालीगुड़ा और जरति के बीच करीब 50 मीटर रेलवे ट्रैक मिट्टी और पत्थरों में दब गया. भूस्खलन के चलते ट्रैक किनारे लगे बिजली के पोल भी उखड़ गए हैं. रेलवे की राहत टीम मलबा हटाने और ट्रैक को बहाल करने के काम में जुटी हुई है. भारी बारिश के कारण किरंदुल-विशाखापट्टनम के बीच चलने वाली पैसेंजर और नाइट एक्सप्रेस स्थगित की गई हैं. 26 सितंबर को भी इस रूट पर ट्रेन संचालन प्रभावित रहने की जानकारी है. वहीं समलेश्वरी, हीराकुंड और राउरकेला इंटरसिटी एक्सप्रेस को जगदलपुर के बजाय कोरापुट से संचालित किया जा रहा है. सिमलीगुड़ा के पास भी भूस्खलन और सुरंग में जलभराव से रेल संचालन प्रभावित हुआ है. ट्रेनों के रद्द और मार्ग बदलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. वहीं लौह अयस्क की ढुलाई करने वाली करीब 40 मालगाड़ियों का परिचालन भी प्रभावित बताया गया है. रेल मार्ग की बहाली के लिए मलबा हटाने और सुरक्षा जांच का काम जारी है.

नवरात्र से पहले प्रशासन ने कसी कमर, पार्किंग से सुरक्षा तक प्लान तैयार

दंतेवाड़ा. शारदीय नवरात्र को लेकर मां दंतेश्वरी के दरबार में तैयारियों का खाका तैयार कर लिया गया है. 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के दंतेवाड़ा पहुंचने की संभावना है. इसी को देखते हुए मंदिर स्टेट कमेटी की बैठक में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई. श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल चिन्हित कर उन्हें पार्किंग-1, 2 और 3 के रूप में मैप किया गया है. भीड़ वाले मार्गों पर रूट डायवर्जन और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था भी तय की जा रही है. दर्शन के साथ पेयजल, चिकित्सा, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था पर भी विशेष फोकस रहेगा. भंडारा लगाने वाली समितियों को पहले से स्थल और आयोजन की जानकारी प्रशासन को देने के निर्देश दिए गए हैं. भंडारा स्थलों पर स्वच्छता के लिए डस्टबिन और ग्लव्स की व्यवस्था की जाएगी. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशालाओं, छात्रावासों और सामुदायिक भवनों को चिन्हित किया गया है. ठहरने की जानकारी के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है. प्रशासन ने डिजिटल मैप के जरिए सुरक्षा, पार्किंग और रूट की मॉनिटरिंग की योजना बनाई है. उद्देश्य यही है कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल और सुगम दर्शन मिल सके.

माड़िन नदी के उफान ने अबूझमाड़ का संपर्क रोका

नारायणपुर. लगातार बारिश ने नारायणपुर जिले के अंदरूनी इलाकों में आवाजाही की मुश्किल बढ़ा दी है. नारायणपुर-ओरछा मार्ग पर बड़गांव माड़िन नदी का जलस्तर खतरे के स्तर तक पहुंच गया है. पुल के ऊपर करीब पांच फीट पानी बहने से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है. इसका असर यात्री बसों के साथ माइंस से जुड़े वाहनों की आवाजाही पर भी पड़ा है. अबूझमाड़ और छोटेडोंगर क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है. भारी बारिश के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी दो दिनों से बाधित बताई जा रही है. मोबाइल नेटवर्क प्रभावित होने से ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ गई हैं. इसी बीच धौड़ाई थाना क्षेत्र के तारागांव में बाढ़ के पानी में फंसे एक ग्रामीण को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. ग्रामीण नदी किनारे बंधे बैल को खोलने गया था और अचानक बढ़े पानी में फंस गया था. नगर सेना की बाढ़ बचाव टीम और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला. ग्रामीण लंबे समय से माड़िन नदी पर ऊंचे और नए पुल की मांग कर रहे हैं. प्रशासन ने लोगों से नदी, डूबे रास्तों और बंद पुलों को पार नहीं करने की अपील की है.

बारिश बनी आफत, पुलिया डूबी और मकान ढहा

कोंडागांव. जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. लगातार बारिश से जिले के नदी-नाले उफान पर हैं और कई ग्रामीण मार्ग प्रभावित हुए हैं. मर्दापाल क्षेत्र में मलनार खुमी नाला का पानी पुलिया के ऊपर से बहने लगा. इसके चलते भाटपाल मार्ग पर आवाजाही प्रभावित रही और ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी. बारिश के बीच ग्राम पंचायत सातगांव के नानीपदर पारा में एक मकान भी ढह गया. मकान गिरने से घर में रखा घरेलू सामान मलबे में दबकर खराब हो गया. हालांकि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और परिवार के सदस्य सुरक्षित हैं. लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई है. कमजोर मकानों के आसपास नहीं जाने और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है. जिले में बारिश का दौर अभी जारी रहने की संभावना जताई गई है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और पुल-पुलियों में पानी बढ़ने पर जोखिम नहीं लेने कहा है.

बस्तानार के 26 गांवों में बिजली गुल, टूटे पोल बने खतरा

जगदलपुर. लगातार बारिश के बीच बस्तानार क्षेत्र के करीब 26 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई है. बस्तानार सब स्टेशन से बाधमुंडी जाने वाली 11 केवी मेनलाइन के करीब पांच पोल टूट गए हैं. बड़े बोदेनार से ककलूर तक लाइन बंद होने के कारण कई गांव अंधेरे में हैं. ग्रामीणों के मुताबिक लगातार बारिश के बीच बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से परेशानी बढ़ गई है. टूटे हुए पोल और बिजली लाइन से हादसे का खतरा भी बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि फीडर की व्यवस्था महज दो संविदा कर्मचारियों के भरोसे चल रही है. बारिश के बीच खराब बिजली व्यवस्था का असर घरेलू कामकाज और जरूरी सेवाओं पर भी पड़ रहा है. ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से टूटे पोलों को जल्द हटाकर नई व्यवस्था करने की मांग की है. साथ ही प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की गई है. लगातार बारिश के कारण मरम्मत कार्य में भी कर्मचारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल ग्रामीणों की नजर बिजली विभाग की कार्रवाई और आपूर्ति बहाली पर है.

आधी रात ढहा कच्चा मकान, मलबे में दबा परिवार का सबकुछ

जगदलपुर. बकावंड ब्लॉक के मैलबेड़ा जानीपारा में लगातार बारिश एक गरीब आदिवासी परिवार के लिए आफत बन गई. तीन दिनों से जारी बारिश के बीच प्रकाश नेताम का कच्चा मकान रात करीब तीन बजे भरभराकर ढह गया. हादसे के वक्त परिवार के सदस्य घर के अंदर सो रहे थे. दीवारों में अचानक आई दरार की आवाज सुनकर परिजनों ने बाहर निकलकर अपनी जान बचाई. मकान के साथ टीन शेड भी गिर गया और घर का पूरा सामान मलबे में दब गया. परिवार की रोजी-रोटी का सहारा बाइक भी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गई. अनाज, कपड़े, बर्तन, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान भी बारिश और मलबे की चपेट में आ गया. मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार पड़ोसियों के सहारे रहने को मजबूर है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राजस्व टीम भेजकर नुकसान का पंचनामा तैयार करने की मांग की है. पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और मकान क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है. लगातार बारिश को देखते हुए आसपास के दूसरे कच्चे मकानों को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है.

घर बैठे जला सकेंगे मां दंतेश्वरी के दरबार में मनोकामना ज्योत

दंतेवाड़ा. शारदीय नवरात्र को लेकर मां दंतेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए मनोकामना ज्योत की बुकिंग शुरू हो गई है. 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र में देश-विदेश से श्रद्धालु ऑनलाइन ज्योत बुक करा सकेंगे. मंदिर पहुंचने वाले भक्तों के लिए ऑफलाइन पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. मंदिर समिति के अनुसार इस वर्ष मनोकामना ज्योत के शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. घी की ज्योत के लिए 1651 रुपये और तेल की ज्योत के लिए 701 रुपये शुल्क निर्धारित है. श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं. ऑनलाइन व्यवस्था से दूर-दराज और विदेशों में रहने वाले भक्त भी घर बैठे ज्योत बुक करा सकेंगे. हर वर्ष नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दंतेश्वरी के दरबार में मनोकामना ज्योत प्रज्वलित कराते हैं. इस बार भी मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंजीयन व्यवस्था को सरल बनाया है. नवरात्र का समापन 19 अक्टूबर को महानवमी के साथ होगा. मंदिर प्रबंधन का फोकस श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से ज्योत प्रज्वलित कराने पर है. आस्था के इस आयोजन में ऑनलाइन व्यवस्था से देश-विदेश के भक्त सीधे जुड़ सकेंगे.

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