बस्तर। महतारी वंदन योजना की राशि पाने महिलाओं को अब राहत नहीं, परेशानी मिल रही है। ई-केवाईसी प्रक्रिया तकनीकी खामियों में उलझ गई है, और हजारों महिलाएं परेशान हैं।
योजना के लिए आवेदन जमा करते समय हुई गलत एंट्री अब भुगतान में सबसे बड़ी रुकावट बन गई है। पोर्टल पर नाम और आधार मिसमैच होने से किस्तें अटक रही हैं। भीषण गर्मी में महिलाएं दफ्तरों के चक्कर काटने मजबूर हैं। सर्वर की सुस्ती से समस्या और बढ़ गई है। करीब दो हजार मामलों में डेटा सुधार लंबित बताया जा रहा है।
विभाग सुधार प्रक्रिया राज्य स्तर पर भेजने की बात कह रहा है। 30 जून की समय सीमा अब चिंता बढ़ा रही है। चॉइस सेंटरों पर वसूली की शिकायतें भी सामने आई हैं। प्रशासन ने बिचौलियों से बचने की अपील की है। महिलाओं का सवाल सम्मान योजना में सम्मान कब मिलेगा।

गरीबों का राशन खुले बाजार में बिक रहा
बस्तर। गरीबों के हिस्से का सरकारी चावल अब खुले बाजार में बिक रहा है। राशन दुकानदारों, दलालों और मिलर्स की सांठगांठ के आरोप हैं। सस्ते चावल को पॉलिश कर महंगे दामों में बेचा जा रहा है। स्थानीय बाजारों से सीमावर्ती इलाकों तक सप्लाई की चर्चा है।
संजय बाजार से 107 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया। जांच में कार्डधारियों से खरीदी कर दोबारा बिक्री का मामला सामने आया। 20 रुपये का चावल कई गुना दाम पर बेचा जा रहा है। खाद्य विभाग ने कार्रवाई का दावा किया हैस लेकिन शिकायतों के बावजूद धंधा जारी बताया जा रहा है। गरीब की थाली पर मुनाफाखोरों की नजर है। जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना है, खेल रुकेगा या चलता रहेगा।
जंगल की मिट्टी से निकला सदियों पुराना ज्ञान खजाना
बस्तर। बस्तर की धरती ने इतिहास का नया अध्याय खोल दिया है। ग्रामीण इलाकों में प्राचीन ताड़पत्र पांडुलिपियां मिली हैं। बेसोली और कोलचुर क्षेत्र में यह बड़ी खोज हुई है। विशेषज्ञ इसे दुर्लभ धरोहर मान रहे हैं। इनमें चिकित्सा, ज्योतिष और साहित्य का उल्लेख बताया गया है। लंबे समय से छिपी विरासत अब सामने आई है।
शोधार्थियों और इतिहासकारों में उत्साह देखा जा रहा है। शासन के सर्वेक्षण अभियान में यह सफलता मिली है। अब इन्हें सुरक्षित और डिजिटल रूप दिया जाएगा। आने वाली पीढ़ियों को प्राचीन ज्ञान मिलेगा। बस्तर की पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी। वनांचल ने फिर साबित किया, यहां विरासत जिंदा है।
सड़क किनारे खड़े ट्रक बने हादसों की वजह
जगदलपुर। एलआईसी रोड पर अव्यवस्थित पार्किंग ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। सड़क किनारे खड़े भारी वाहन हादसों की वजह बन रहे हैं। कॉलोनी से निकलने वालों की विजिबिलिटी पूरी तरह खत्म हो रही है। हर वक्त दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दोनों ओर ट्रकों की कतार से सड़क संकरी हो गई है। रात में बिना लाइट खड़े वाहन और खतरनाक साबित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की है। लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने नो-पार्किंग बोर्ड लगाने की मांग की है। वाहनों के लिए अलग यार्ड तय करने की भी मांग उठी है। जिम्मेदार विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। समय रहते कदम नहीं उठे तो बड़ा हादसा तय माना जा रहा है।
शादी की खुशियां मातम में बदली, डीजे डांस पर चाकूबाजी
परपा आरापुर। आरापुर गांव में शादी समारोह अचानक रणभूमि बन गया। डीजे पर नाचते युवकों के बीच मामूली विवाद शुरू हुआ।
धक्का-मुक्की के बाद मामला खूनी झगड़े में बदल गया। हमलावरों ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। चार युवक घायल होकर अस्पताल पहुंचे। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। शादी घर में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई। कई मेहमान कार्यक्रम छोड़कर लौट गए। घटना के बाद आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एक छोटी कहासुनी ने जश्न को खून में बदल दिया।
पांडू का सम्मान, कुत्तों पर बंदी की बहस तेज
बस्तर। बस्तर में कुत्तों को सिर्फ जानवर नहीं, परिवार माना जाता है। ग्रामीण अंचल में इन्हें सम्मान से पांडू कहा जाता है। खेती और घर की सुरक्षा में इनकी अहम भूमिका है। अब आवारा कुत्तों को पकड़ने के फैसले पर बहस तेज है। लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। सीआरपीएफ कैंपों में भी देसी कुत्ते जवानों के साथी हैं। जंगल गश्त में ये हर आहट पर सतर्क करते हैं। सुरक्षा बल इन्हें भरोसेमंद मानते हैं। लोककथाओं में भी कुत्तों को विशेष स्थान मिला है। बस्तर में इन्हें वफादारी का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीण इन्हें सम्मान से पालते हैं। यहां कुत्ता नहीं, परिवार का सदस्य समझा जाता है।
अमृत मिशन की खुदाई से शहर बेहाल
जगदलपुर। पेयजल योजना अब शहरवासियों के लिए परेशानी बनती जा रही है। कई इलाकों में बेतरतीब खुदाई से यातायात प्रभावित है। सड़कें टूटीं, गड्ढे खुले और लोग परेशान हैं।
कहीं डामर सड़क पर सीमेंट भराई की जा रही है, तो कई जगह काम अधूरा छोड़ दिया गया है। न चेतावनी बोर्ड हैं, न बैरिकेडिंग। दुर्घटना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। धूल और मलबे से रहवासी परेशान हैं। जल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें भी हैं। कई क्षेत्रों में पानी सप्लाई प्रभावित हुई है। परियोजना पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं राहत कब मिलेगी।
हाइवे हादसे में पिता-पुत्री घायल
जगदलपुर। नेशनल हाइवे-30 पर सुबह बड़ा सड़क हादसा हुआ। बनियागांव के पास पिकअप और बाइक की जोरदार टक्कर हुई। बाइक पर किसान अपनी पुत्री के साथ जा रहा था। टक्कर के बाद पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। पिता गंभीर रूप से घायल हो गया। पुत्री को भी चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद पहुंचाई। दोनों को जिला अस्पताल भेजा गया। घटना से हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है। तेज रफ्तार को प्राथमिक वजह माना जा रहा है। एक लापरवाही ने परिवार को अस्पताल पहुंचा दिया।

