भिलाईनगर। महारत्न सेल ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एनुअल प्रोडक्शन प्लान जारी कर दिया है। कम्पनी अपने हॉट मेटल प्रोडक्शन में 11 प्रतिशत और क्रूड स्टील के प्रोडक्शन में 13 प्रतिशत ग्रोथ चाहती है। बीएसपी सहित कोई भी यूनिट पिछले प्रोडक्शन प्लान का टार्गेट एचीव नहीं कर पाई थी। लेकिन बीएसपी सहित सभी यूनिटों को चालू वित्त वर्ष में कम मैनपॉवर में प्रोडक्शन बढ़ाने की चुनौती रहेगी।
असल में इस्पात मंत्रालय का जोर मैनपावर और प्रोडक्शन कास्ट कंट्रोल करने पर है। निजी स्टील कम्पनियों का मैनपावर और प्रोडक्शन कास्ट सेल की तुलना में काफी कम है। यही वजह है कि सेल पर इस समय कास्ट कम करने का बहुत दबाव है। सेल ने गत वित्त वर्ष में हॉट मेटल का प्रोडशन 22025 हजार टन करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन 20604 हजार टन प्रोडक्शन हो सका।

इसी तरह क्रूड स्टील प्रोडक्शन का लक्ष्य रखा गया था 20860 हजार टन, प्रोडक्शन हुआ 19327 हजार टन। कम्पनी ने चालू वित्त वर्ष में हॉट मेटल का प्रोडक्शन 11 प्रतिशत बढ़ाते हुए इसे 22850 हजार टन और क्रूड स्टील का प्रोडक्शन 13 प्रतिशत बढ़ाते हुए इसे 21840 हजार टन करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य केवल 5 प्लांट को मिलाकर हासिल करना है।
रेगुलर और कांट्रेक्चुअल लेबर की होगी छंटनी
चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में ही कम्पनी वीआर स्कीम और कम्पलसरी रिटायरमेंट के जरिए रेगुलर मैनपॉवर को कम करने जा रही है। चालू वित्त वर्ष में रेगुलर रिटायर होने वालों की ही खासी संख्या रहेगी। इसी तरह कांट्रेक्चुअल लेबर यानी ठेका श्रमिकों की संख्या में औसतन 20 प्रतिशत की कटौती होगी।
इस तरह कम मैनपॉवर में सभी प्लांट को हॉट मेटल और क्रूड स्टील, सेलेबल स्टील का प्रोडक्शन बढ़ाने की चुनौती रहेगी। नए कांट्रेक्ट में ठेका श्रमिकों की संख्या में कटौती शुरु हो गई है। किए एरिया में कितने श्रमिकों की छंटनी होगी यह अगले माह स्पष्ट हो सकेगा।
मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बनकर की 7 लाख की ठगी
भिलाईनगर। सुपेला थाना अंतर्गत डिजिटल अरेस्ट के नाम पर मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बनकर एक बुजुर्ग महिला से 7 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। रिपोर्ट पर पुलिस मामले में धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना कर रही है।
सुपेला पुलिस ने बताया कि आर्य नगर कोहका निवासी निर्मला चौबे ( 62 वर्ष) को 13 मार्च को एक वीडियो कॉल आया। उसमें 5-7 लोग पुलिस की वर्दी में दिखाई दिए। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर संदीप राव बताया और महिला पर अवैध लेनदेन का आरोप लगाते हुए डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दी।
आरोपियों ने महिला को लगातार डराते हुए फर्जी दस्तावेज, एफआईआर और सुप्रीम कोर्ट के आदेश जैसे कागजात व्हाट्सएप पर भेजे और किसी को जानकारी देने पर जेल भेजने की धमकी दी। भयभीत होकर महिला ने 16 और 17 मार्च के बीच अलग-अलग खातों में कुल 7 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए।
ठगों ने महिला को यह भी भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद 15 अप्रैल तक राशि वापस कर दी जाएगी। महिला के अकेले रहने का फायदा उठाकर आरोपियों ने उसे पूरी तरह मानसिक दबाव में रखा। घटना की जानकारी मिलने पर 22 अप्रैल को महिला अपने परिजनों के साथ चौकी स्मृति नगर पहुंची, जहां से मामला थाना सुपेला भेजा गया।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। वहीं दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या खुद को पुलिस / सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहें। डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल या ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
स्वामी आत्मानंद की तर्ज पर विकसित होंगे स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय
दुर्ग। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की तर्ज पर अब कुछ स्कूलों को स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के नाम से विकसित किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक के एक ऐसे स्कूल का चयन किया जाना है, जिस कैंपस में पहली से बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित हो। इसके अलावा वह स्कूल स्वामी आत्मानंद या पीएमश्री के रूप में पहले से ही चिन्हांकित न हो। इन स्कूलों को छोड़कर बाकी अन्य स्कूल जो ब्लॉक मुख्यालय के समीप हो, का चयन किया जाना है। इस आशय की जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी से मांगी गई है।
डीईओ अरविंद मिश्रा ने सभी ब्लॉक के विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस आशय का प्रस्ताव मांगा है। छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी / हिंदी माध्यम विद्यालय एक अलग पहचान बना चुका है। शिक्षा गुणवत्ता की मानक कसौटी पर ये स्कूल, सामान्य स्कूलों की से बेहतर परिणाम दे रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में इन स्कूलों को डेवलप किया गया है। इसे देखते हुए अब विवेकानंद स्कूल की अवधारणा विकसित की गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा द्वारा दुर्ग जिले के 6 स्कूलों का प्रस्ताव डीपीआई को भेजा गया है। शाला का स्तर, दर्ज संख्या, भवन की स्थिति सहित मांगी गई अन्य जानकारी दी गई है। प्रस्ताव में दुर्ग ब्लॉक के बघेरा, तिलक कन्या, चंद्रशेखर आजाद व आदर्श कन्या स्कूल शामिल है।
वहीं पाटन ब्लॉक के गोडपेंड्री तथा धमधा ब्लॉक के बालक धमधा स्कूल को इसमें शामिल किया गया है। इसके पहले सहायक संचालक सीमा नायक ने विभागीय अधिकारियों के साथ स्कूलों का निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने बताया कि स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय संचालन हेतु स्कूलों का चयन कर प्रस्ताव विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मंगाया गया। इस प्रस्ताव को लोक शिक्षण संचालनालय को प्रेषित किया गया है।
रात 10 बजे के बाद डीजे – लाउडस्पीकर पर सख्त प्रतिबंध
दुर्ग। निगम द्वारा शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। महापौर अलका बाघमार स्पष्ट किया है कि निगम सीमा क्षेत्र में रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में डीजे, लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने बताया कि निगम अमला द्वारा रात 10 बजे के बाद विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि इस दौरान कहीं भी हाई वॉल्यूम में डीजे बजता पाया गया, तो सबसे पहले डीजे संचालक और उसके बाद संबंधित भवन, लॉन या मैरिज गार्डन संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शादियों एवं अन्य आयोजनों में तेज ध्वनि के कारण यदि ट्रैफिक जाम या आमजन को परेशानी होती है, तो संबंधित मैरिज गार्डन या बैंक्वेट हॉल के लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
महापौर अलका बाघमार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बारात के दौरान पेपर कंफेटी (कागज के टुकड़े) उड़ाने वाली मशीनों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ऐसा पाए जाने पर मशीन को जब्त किया जाएगा तथा संबंधित पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों एवं आयोजकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, ताकि शहर में शांति एवं स्वच्छ वातावरण बना रहे।
सखी वन स्टॉप सेंटर के रिक्त पदों के लिए वॉक- इन-इंटरव्यू 29 को
दुर्ग। महिला एवं बाल विकास विभाग, दुर्ग द्वारा मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित अतिरिक्त सखी वन स्टॉप सेंटर में विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, दावा आपत्ति के निराकरण के पश्चात पात्र पाए गए आवेदकों के लिए 29 अप्रैल को वॉक-इन-इंटरव्यू और दस्तावेजों का सत्यापन आयोजित किया जाएगा।
जिला स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा पर तैयार की गई मेरिट सूची के आधार पर यह प्रक्रिया संपन्न होगी। साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन का कार्य विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग समय पर होगा। यह संपूर्ण आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पांच बिल्डिंग परिसर, जिला-दुर्ग के कार्यालय में किया जाएगा।
ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज आज संध्या 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक
दुर्ग। भारत सरकार गृह मंत्रालय महानिदेशालय अग्निशमन सेवा नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षक नई दिल्ली के पत्रानुसार नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, एनसीसी एवं होमगार्ड जवानों को सिविल डिफेंस, एयर रेडियो/ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज हेतु मॉक अभ्यास 24 अप्रैल को शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट दुर्ग कैंपस केन्द्रीय विद्यालय के पास ( केन्द्रीय जेल) में किया जाएगा। उक्त मॉक अभ्यास हेतु कलेक्टर दुर्ग द्वारा विभिन्न विभाग के अधिकारियों को कार्य दायित्व सौंपे गये हैं। साथ ही मॉक अभ्यास के समय शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक उपस्थिति सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया है।
पशुओं के लिए फ्री हेल्थ कैंप एवं एंटी रेबीज टीकाकरण शिविर कल
दुर्ग। दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, अंजोरा के टीचिंग वेटनरी क्लीनिकल कॉम्पलेक्स द्वारा एक दिवसीय निःशुल्क पशु स्वास्थ्य जांच एवं एंटी रेबीज टीकाकरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर यह शिविर 25 अप्रैल को सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक टीचिंग वेटेनरी क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स, सिविल लाइन्स में आयोजित होगा। शिविर में सभी नस्लों के कुत्तों और बिल्लियों एवं बड़े पशुओं के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच और एंटी रेबीज टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस वर्ष विश्व पशु चिकित्सा दिवस की थीम ( वेटेनेरियन्सः गार्डियन्स ऑफ फूड एण्ड हेल्थ) रखी गई। है, जो पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है। वे न केवल पशुओं स्वास्थ्य की देखभाल करते हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, रोग नियंत्रण और जनस्वास्थ्य में भी अहम योगदान देते हैं।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस आज
दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय 24 अप्रैल को अपना 11 वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2015 में छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 के प्रावधानों के तहत हुई थी। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत दुर्ग संभाग के समस्त जिलों को आच्छादित करता हुआ युवाओं के उच्च शिक्षा की आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है। इस विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के अंतर्गत 160 महाविद्यालय संबद्ध हैं।
विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग संभाग के आयुक्त, सत्यनारायण राठौर, दुर्ग तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति डॉ अरुणा पलटा, एवं प्रथम कुलपति डॉ. एन. पी. दीक्षित होंगे। इस अवसर पर दुर्ग जिले के शासकीय जी महाविद्यालयों के प्राचार्य भी उपस्थित रहेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पुरस्कार राशि, सर्टिफिकेट, ट्रॉफी, मेडल प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय तिवारी ने भी अपने विचार रखे।
आदेश तीन माह का, लेकिन एक माह का ही मिल रहा राशन
राजनांदगांव। राज्य शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन कार्डधारियों को अप्रैल, मई एवं जून 2026 का तीन माह का चावल एक साथ प्रदान किया जाना है, लेकिन चावल भंडारण कम होने के कारण शहर के राशन दुकानों में एक माह का ही चावल दिया जा रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद भी जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। एक साथ 3 महीने का चावल नहीं मिलने से उपभोक्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बलदेव बाग क्षेत्र और टांका पारा क्षेत्र, चिखली शांतिनगर, शंकरपुर, ढाबा, बसंतपुर राजीव नगर आदि स्थानों में भी में इस प्रकार की अत्यधिक शिकायतें मिल रही हैं। फिर भी जांच क्यों नहीं की जा रही है यह भी समझ से परे हैं। ज्ञात हो कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर हितग्राहियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से इस महीने में एक साथ अप्रैल, मई, जून का चावल देने का प्रावधान रखा गया है । राशन दुकान संचालकों का कहना है कि अभी भी पर्याप्त चावल का भंडारण नहीं कराया गया जिसके कारण ये दिक्कतें आ रही हैं । शिकायत मिलने के बाद भी जांच नहीं कराई जा रही है ।
यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्र के राशन दुकानों में भी देखने को मिल रही है इस संबंध में खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी ने बताया कि जिले की सभी 498 उचित मूल्य दुकानों में तीन माह के कोटे का खाद्यन्न आबंटित कर दिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले के सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल का भंडारण पूर्ण किया जा रहा है। जिससे हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए सभी दुकानों में चावल का पर्याप्त भंडारण कर दिया गया है।
उन्होंने जिले के सभी राशनकार्डधारियों से संबंधित उचित मूल्य दुकान से अपने तीन माह का चावल एक साथ प्राप्त करने की अपील की है । वितरण के दौरान यदि किसी हितग्राही को कोई समस्या आती है, या दुकान संचालक द्वारा अनियमितता की जाती है, तो वे तत्काल अपने क्षेत्र के खाद्य निरीक्षक अथवा जिला खाद्य कार्यालय राजनांदगांव से संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अधिकांश राशन दुकानों में इस प्रकार की शिकायत राशन दुकानों में एक साथ तीन माह का खाद्यान्न नहीं भंडारित किए जाने की शिकायत शहर के अधिकांश राशन दुकानों में मिल रही है। हितग्राहियों का कहना है कि लंबे समय से शिकायत बनी हुई है, फिर भी जांच नहीं की जा रही है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय में भी 51 वार्डों में भरपूर राशन दुकानों की व्यवस्था है, फिर भी यह समस्या बनी हुई है।
कुर्क होगी एवीएम रियल स्टेट चिटफंड कंपनी की संपत्ति
राजनांदगांव। एवीएम रियल स्टेट एंड एलाइड लिमिटेड कंपनी की टेड़ेसरा स्थिति 0.024 हेक्टेयर जमीन कुर्क की जाएगी। कोर्ट से आदेश होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा इसकी तैयारी तेज कर दी गई है। निवेशको की डूबी राशि अब संपत्ति कुर्क करने के बाद उपलब्ध राशि से नुकसान की भरपाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि, राजनांदगांव क्षेत्र के कई ग्रामीण निवेशकों ने एवीएम रियल एस्टेट कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, निवेशकों का दावा है कि वर्ष 2010 में 5 साल में पैसा डबल करने का वादा कर उनसे रकम जमा कराई गई। राजनांदगांव क्षेत्र के कई ग्रामीण निवेशकों ने एवीएम रियल एस्टेट कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। निवेशकों का दावा है कि वर्ष 2010 में 5 साल में पैसा डबल करने का वादा कर उनसे रकम जमा कराई गई, लेकिन परिपक्वता अवधि 2015-16 में पूरी होने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
निवेशकों के अनुसार उन्होंने अपनी जीवनभर की बचत, खेती से हुई आमदनी और पारिवारिक जरूरतों के लिए जोड़ी गई रकम कंपनी में निवेश की थी। कई लोगों का कहना है कि जब भुगतान की मांग की गई तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला। कुछ निवेशकों का यह भी आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने की स्थिति बनने पर उनसे समझौता किया गया और शिकायत वापस लेने पर भुगतान का आश्वासन दिया गया। हालांकि, उनका दावा है कि समझौते की शर्तों के अनुरूप भी पूरी राशि तक वापस नहीं मिली।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगांव का रेडियोग्राफर किया गया निलंबित
राजनांदगांव। संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें रायपुर संभाग रायपुर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजनांदगांव से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगांव में पदस्थ रेडियोग्राफर भोज कुमार साहू को पदीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही एवं गंभीर अनुशासनहीनता बरतने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगांव के रेडियोग्राफर भोज कुमार साहू द्वारा शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने, पदीय दायित्वों का निर्वाहन नहीं करने, शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न करने, उच्च अधिकारियों से अनुचित वार्तालाप गतिविधियों में करने तथा असामाजिक संलिप्त रहने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। भोज कुमार साहू का कृत्य गंभीर अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं कर्तव्यों के प्रति लापरवाही के श्रेणी में होने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। निलंबन अवधि के दौरान भोज कुमार साहू का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाटन जिला दुर्ग निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
सर्विस बुक संधारण के नाम पर वसूली, 39 संकुल समन्वयक व प्रधान पाठकों के बयान सीलबंद
डोंगरगढ़। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में गुरुवार को कथित वसूली मामले में जांच प्रक्रिया तेज हो गई। दो सदस्यीय जांच समिति के समक्ष 39 संकुल समन्वयक एवं प्रधान पाठकों के बयान दर्ज कर उन्हें लिफाफों में सीलबंद किया गया है ।
मामला एबीईओ द्वारा अधीनस्थ शिक्षकों से सर्विस बुक संधारण के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की कथित वसूली से जुड़ा है। जांच के दौरान समिति ने उपस्थित शिक्षकों को सादे कागज पर अखबारों में प्रकाशित खबरों की सत्यता पर अपना पक्ष लिखने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, सभी संबंधितों ने बारी-बारी से घटना के संबंध में अपनी जानकारी और अनुभव लिखित रूप में प्रस्तुत किए। जांच के दौरान कुछ प्रधान पाठकों द्वारा एक-दूसरे की नकल करते हुए लिखने की कोशिश भी सामने आई, जिस पर ड्यूटी में तैनात अधिकारियों ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
यदि जांच समिति संबंधित 39 संकुल समन्वयकों और प्रधान पाठकों के दिसंबर, जनवरी और फरवरी माह के बैंक खातों की स्टेटमेंट की जांच करती है, तो पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। बताया जा रहा है कि लगभग 80 प्रतिशत शिक्षकों ने यूपीआई के माध्यम से करीब 1700 रुपये ट्रांसफर की है, जबकि कुछ मामलों में यह 2000 रुपये तक भी बताई जा रही है।
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