Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर जिले में कमजोर मानसून अब किसानों की सबसे बड़ी चिंता बन गया है. समय पर रोपाई की तैयारी करने वाले किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. खेतों में पलाहा तो डाला जा चुका है, लेकिन पर्याप्त पानी नहीं होने से रोपा नहीं लग पा रहा. ज्यादातर किसान सिंचाई के साधनों के अभाव में पूरी तरह बारिश पर निर्भर हैं. कुछ किसान दूसरे खेतों से पानी लाकर किसी तरह रोपाई बचाने की कोशिश कर रहे हैं. मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, लेकिन राहत अब तक नहीं मिली. 12 जुलाई तक जिले में 363.4 मिमी के मुकाबले केवल 257.9 मिमी बारिश दर्ज हुई. यानी सामान्य से करीब 29 प्रतिशत कम वर्षा ने खेती की रफ्तार रोक दी है. पिछले साल अच्छी बारिश से धान की पैदावार बेहतर रही थी, लेकिन इस बार हालात उलट हैं. किसानों को उम्मीद है कि गोंचा महापर्व के दौरान मौसम मेहरबान होगा. अगर इस सप्ताह भी अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसल पर बड़ा असर पड़ सकता है. खेती की उम्मीदें फिलहाल बादलों की मर्जी पर टिकी हुई हैं.

एनएच-30 पर भीषण टक्कर, एक की मौत, दो गंभीर

कोंडागांव. राष्ट्रीय राजमार्ग-30 एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे का गवाह बना. दूधगांव के पास कार और यात्री बस की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई. हादसे में कार चालक शंभू साहू की मौके पर ही मौत हो गई. कार में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया. बताया गया कि परिवार सुबह गीदम के लिए निकला था..टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. बस में बैठे कुछ यात्रियों को भी हल्की चोटें आई हैं. घटना के बाद बस चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया. कुछ समय तक एनएच-30 पर यातायात भी प्रभावित रहा. पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर सड़क से वाहन हटवाए. फिलहाल फरार चालक की तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है. एक पल की टक्कर ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं.

गोंचा महापर्व की तैयारियां तेज, मुख्यमंत्री को दिया गया निमंत्रण

जगदलपुर. बस्तर का ऐतिहासिक गोंचा महापर्व अब अपने भव्य आयोजन की ओर बढ़ रहा है. महापर्व में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को औपचारिक निमंत्रण सौंपा गया. आयोजन समिति ने पारंपरिक तुपकी भेंट कर बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का सम्मान किया. चंदन यात्रा के साथ पर्व की धार्मिक रस्में पहले ही शुरू हो चुकी हैं. 32 फीट ऊंचे लकड़ी के रथ का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है. जगन्नाथ मंदिर और सिरहासार भवन को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है. 16 जुलाई से जगत स्वामी नौ दिनों तक भक्तों को दर्शन देंगे. 15 जुलाई को नेत्रोत्सव और 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकलेगी. 24 जुलाई को बाहुड़ा रथयात्रा के साथ महापर्व का समापन होगा. बस्तर दशहरा के बाद यह क्षेत्र का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है. इस पर्व में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल भी देखने को मिलती है. पूरा बस्तर अब गोंचा महापर्व के रंग में रंगने लगा है.

घरेलू विवाद के बाद युवक की मौत, तीन बच्चों से उठा पिता का साया

कोंडागांव. जिले के मर्दापाल क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है. शराब की लत को लेकर पति-पत्नी के बीच हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ. पत्नी के मायके जाने के बाद पति ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया. गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मृतक की पहचान मेंडपाल निवासी 45 वर्षीय रंजीत तिग्गा के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार वह लंबे समय से शराब का आदी था. विवाद के दौरान पत्नी ने साथ रहने से इनकार कर दिया था. अगली सुबह उसकी हालत बिगड़ी हुई मिली. डॉक्टरों ने काफी प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी. पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चे रह गए हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एक छोटी पारिवारिक तकरार ने पूरे परिवार को गहरे दुख में छोड़ दिया.

बैंक में लगी आग, सतर्कता से टला बड़ा नुकसान (Bastar News Update)

सुकमा. जिले के कोंटा स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में रविवार सुबह आग लग गई. बैंक से धुआं उठता देख पास के व्यापारी ने तुरंत कर्मचारियों को सूचना दी. कर्मचारी मौके पर पहुंचे और करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया. प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट आग की वजह माना जा रहा है. घटना अवकाश के दिन हुई, इसलिए बैंक में कोई मौजूद नहीं था. समय रहते आग बुझ जाने से बड़ा हादसा टल गया. बैंक प्रबंधन के अनुसार नकदी और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित हैं. हालांकि आग से हुए नुकसान का आकलन अभी जारी है. शाखा प्रबंधक ने भी किसी बड़े नुकसान से इनकार किया है. सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने संभावित संकट को टाल दिया. अब तकनीकी जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी. घटना ने विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

गौरव पथ की मरम्मत पर उठे सवाल, बारिश में फिर उखड़ी सड़क

दंतेवाड़ा. किरंदुल में बारिश के बीच सड़क मरम्मत को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ गई है. गौरव पथ पर बने गड्ढों में स्थायी मरम्मत की जगह मिट्टी भर दी गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समाधान कुछ दिनों का ही है. बारिश शुरू होने से पहले सीमेंट से की गई मरम्मत भी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी. लगातार बारिश और भारी वाहनों के कारण सड़क फिर उखड़ गई. अब गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. बारिश के दौरान दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है. नागरिकों ने गुणवत्ता के साथ स्थायी मरम्मत की मांग उठाई है. लोगों का कहना है कि अस्थायी उपायों से समस्या खत्म नहीं होगी. करोड़ों की लागत वाली सड़क के रखरखाव पर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों को अब ठोस कार्रवाई का इंतजार है. बारिश ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी है.

खाकी पहनने का बढ़ा जुनून, पीएससी परीक्षा में 88 प्रतिशत उपस्थिति

जगदलपुर. बस्तर में पुलिस सेवा की भर्ती परीक्षा को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला. सीजीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई. जिले के छह परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. कुल 2,104 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया था. इनमें से 1,856 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए. 248 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. जिले में कुल उपस्थिति 88.21 प्रतिशत दर्ज की गई. काकतीय पीजी कॉलेज केंद्र में सबसे अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी. पूरी परीक्षा पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आयोजित की गई. प्रशासन ने समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की. युवाओं का उत्साह बताता है कि खाकी वर्दी का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है. अब अभ्यर्थियों की नजर प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पर टिकी है.

राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा सम्मान, ग्रामीण डाक कर्मचारियों को मिला नया नेतृत्व

जगदलपुर. भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ की राष्ट्रीय बैठक में बस्तर के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई. हेमंत कुमार पांडे को राष्ट्रीय संगठन मंत्री निर्विरोध चुना गया. नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय बैठक में यह निर्णय लिया गया. देशभर से आए प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से उनका समर्थन किया. उनके निर्वाचन पर संगठन के सदस्यों ने खुशी जताई. नवनिर्वाचित पदाधिकारी ने सभी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण के लिए लगातार संघर्ष का भरोसा दिया. संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प भी दोहराया. इस उपलब्धि से बस्तर का सम्मान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है. ग्रामीण डाक कर्मचारियों को नए नेतृत्व से नई उम्मीदें हैं. अब कर्मचारियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने की तैयारी होगी. यह जिम्मेदारी संगठन के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है.

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