बठिंडा: पंजाब में नशे के खात्मे के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बीच हर दिन कोई न कोई ऐसी खबर सामने आती है जो लगातार बढ़ रहे इस खतरे के बढ़ते ग्राफ की ओर इशारा करती है. बठिंडा जिले के अंतिम गांव डूमवाली की नर्सिंग कॉलोनी में सामने आई घटना ने नशे की समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शनिवार आधी रात को एक मकान की दीवार पर ‘चिट्टा ही चिट्टा’ लिखकर इलाके में कथित तौर पर हो रही नशा तस्करी के खिलाफ नाराजगी जताई गई है. दीवार पर लिखे इन शब्दों के जरिए से नशे की समस्या से परेशान लोगों का गुस्सा सामने आया है.

जानकारी मिली है कि इस मामले में नशे से परेशान हो कर एक मां ने आरोप लगाया कि कॉलोनी में हेरोइन की पुड़ियां कथित तौर पर 200, 300 और 500 रुपये में बेची जाती हैं. महिला के इस दावे ने इलाके में नशे की उपलब्धता और इसके कारण परिवारों को पेश आ रही परेशानियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. नशे की लत जहां व्यक्ति की जिंदगी को बर्बाद करती है, वहीं इसका असर पूरे परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है.

दीवार पर ‘चिट्टा ही चिट्टा’ लिखे जाने की घटना ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं. यदि इलाके में नशा बिकने को लेकर लोग इस तरह के आरोप लगा रहे हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच करना और नशे की सप्लाई के स्रोतों का पता लगाना जरूरी है. इस पूरे मामले में अब पुलिस ने जांच शुरू की है, साथ ही यह भी जांच का विषय है कि उस इलाके में कितने लोग है जो नशे की गिरफ्त में बुरी तरह से फंसे हुए हैं.