Dharm Desk : दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में रौनक बढ़ने लगती है। कहीं साफ-सफाई का काम चल रहा है, तो कहीं घर को सजाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दीपावली केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना का भी विशेष महत्व है। हर परिवार चाहता है कि दीपावली के साथ उसके घर में सुख, शांति और समृद्धि का नया दौर शुरू हो। इसी तैयारी के बीच घर के मुख्य द्वार की सजावट और शुद्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। दीपावली के अवसर पर मुख्य द्वार को फूलों, रंगोली, दीपक और तोरण से सजाया जाता है।

इसके साथ ही घर की सुख-समृद्धि और सकारात्मक वातावरण के लिए कुछ पारंपरिक धार्मिक विधियां भी अपनाई जाती हैं। इन्हीं में से एक आसान तरीका लाल कपड़े की विशेष पोटली तैयार करके मुख्य द्वार पर बांधना है। मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए मुख्य द्वार को विशेष रूप से सजाया जाता है। दरवाजे के दोनों ओर शुभ चिह्न बनाना, रंगोली सजाना और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना दीपावली की तैयारियों को और खास बना देता है।

दिवाली से पहले क्यों जरूरी है मुख्य द्वार की सफाई

घर का मुख्य द्वार केवल आने-जाने का रास्ता नहीं होता, बल्कि यह घर की सुंदरता और व्यवस्था का भी अहम हिस्सा है। दीपावली की तैयारियों में इसकी सफाई को प्राथमिकता देनी चाहिए। मुख्य द्वार के आसपास जमी धूल, मकड़ी के जाले और बेकार सामान को हटा देना चाहिए। दरवाजे पर सुंदर तोरण लगाएं और शाम के समय वहां दीपक जलाकर रोशनी करें।

नकारात्मकता दूर करने के लिए तैयार करें लाल कपड़े की पोटली

दीपावली से पहले घर के मुख्य द्वार पर एक विशेष पोटली बांधने की धार्मिक विधि भी प्रचलित है। इसे तैयार करने के लिए कुछ सामान्य सामग्री की जरूरत होती है। इस पोटली में इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक वस्तु का अपना पारंपरिक महत्व है।
पोटली तैयार करने के लिए सामग्री मैं यह चीज होनी चाहिए।

1.एक साफ लाल रंग का कपड़ा
2.थोड़ी सी पीली सरसों
3.एक बड़ी इलायची
4.सात साबुत लौंग
5.थोड़ा सा कपूर
6.एक सिक्का

जानिए पोटली बनाने और बांधने का सही तरीका

सबसे पहले लाल कपड़े को अच्छी तरह साफ करके एक समतल जगह पर बिछा लें। अब इसमें थोड़ी पीली सरसों, एक बड़ी इलायची, सात साबुत लौंग, थोड़ा कपूर और एक सिक्का रख दें। इसके बाद कपड़े को चारों तरफ से समेटकर अच्छी तरह बांध लें। इस तरह आपकी छोटी सी धार्मिक पोटली तैयार हो जाएगी।अब इस पोटली को घर के मुख्य द्वार पर लगाना है। इसके लिए घर की ओर मुंह करके खड़े हों और मुख्य द्वार की चौखट के दाईं तरफ इसे बांध दें। इसे ऐसी जगह लगाएं, जहां यह सुरक्षित रहे और बार-बार किसी के हाथ से न टकराए।

पूजा से पहले इन बातों का भी रखें ध्यान

मुख्य द्वार पर पोटली बांधने के साथ घर की स्वच्छता और सजावट का भी पूरा ध्यान रखें। दरवाजे के आसपास गंदगी जमा न होने दें। शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं और घर के मंदिर में मां लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें।