अजय शास्त्री, बेगूसराय। जिले के नीमाचंदपुरा थाना क्षेत्र में पैक्स (PACS) में करोड़ों के गबन और वित्तीय अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस मामले के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनकी पत्नी और सह-आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इस कार्रवाई से इलाके के राजनीतिक और सहकारिता गलियारों में हड़कंप मच गया है।

​नीमाचंदपुरा थाना क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाई

​पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई नीमाचंदपुरा थाना कांड संख्या 78/26 के तहत 1 अगस्त 2026 को दर्ज मामले के आधार पर की गई है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने इस मामले में चांदपुर वार्ड संख्या-9 निवासी करीब 55 वर्षीय प्रमोद सहनी, पिता रामदेव सहनी को प्राथमिक अभियुक्त बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को तुरंत न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

​सरपंच रह चुके हैं आरोपी प्रमोद सहनी

​गिरफ्तार आरोपी प्रमोद सहनी का स्थानीय स्तर पर रसूखदार इतिहास रहा है। वह पैक्स के पूर्व अध्यक्ष होने के साथ-साथ चांदपुर पंचायत के सरपंच पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। पैक्स संचालन के दौरान वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोप लगने के बाद पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच शुरू की थी। जांच के दौरान जैसे-जैसे परतें खुलीं, पुलिस का शक यकीन में बदल गया और अंततः मुख्य आरोपी को धर दबोचा गया।

​सह-आरोपी पत्नी सुमित्रा देवी की तलाश में जुटी पुलिस

​इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रमोद सहनी की पत्नी सुमित्रा देवी का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि सुमित्रा देवी भी पूर्व में पैक्स अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं और वर्तमान में इस मामले में फरार चल रही हैं। नीमाचंदपुरा थाना अध्यक्ष विवेक कुमार ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य आरोपी प्रमोद सहनी को जेल भेज दिया गया है, वहीं उनकी फरार पत्नी सुमित्रा देवी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि, उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

​दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की हो रही है गहन जांच

​पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन के हर एक पहलू को खंगालने में जुटी है। पैक्स से संबंधित सभी पुराने दस्तावेजों, सरकारी अनुदान और ऋण वितरण फाइलों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों से मिलने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर इस मामले में और भी कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, एक गिरफ्तारी के बाद पुलिस अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ा रही है।