भागलपुर। जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक इलाके में महज तीन साल के एक मासूम बच्चे की निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या के बाद बदमाशों ने शव को एक प्लास्टिक के बोरे में बंद करके खेत में फेंक दिया था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है। महज 17 दिनों के भीतर इस तरह की दूसरी घटना सामने आने से स्थानीय लोगों में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिला।

​मां के पास सो रहा था मासूम, अचानक हुआ गायब

​मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान लालूचक निवासी पंकज मंडल के तीन वर्षीय बेटे दिव्यांशु कुमार के रूप में हुई है। बुधवार की रात दिव्यांशु अपनी मां सुलेखा देवी के पास ही सो रहा था। रात करीब 3 बजे जब मां की आंख खुली, तो उसने बच्चे को बिस्तर पर नहीं पाया। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने रात में ही आसपास और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश शुरू की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला।

​सुबह खेत में मिला प्लास्टिक के बोरे में शव

​रातभर चली तलाश के बाद गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे परिजनों और ग्रामीणों को घर के पास ही एक खेत में संदिग्ध स्थिति में प्लास्टिक का बोरा मिला। जब उस बोरे को खोला गया, तो अंदर दिव्यांशु का शव था। प्रारंभिक जांच और शरीर के निशानों से यह साफ हो गया कि मासूम की गला दबाकर हत्या की गई थी। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

​परिजनों का आरोप और पुलिस की कार्रवाई

​घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चंपानगर-भागलपुर मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने गांव के ही एक शख्स सुभाष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।
​हंगामे की सूचना मिलते ही नाथनगर थाना के इंस्पेक्टर अभय शंकर और डीएसपी-टू राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जांच तथा कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद जाम हटाया जा सका। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में संदेह के आधार पर 2 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

​17 दिनों में दूसरी ऐसी खौफनाक वारदात

​भागलपुर में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि महज 17 दिनों के भीतर मासूम बच्चे की हत्या की यह दूसरी वारदात है। इससे पहले बीते 14 जुलाई को भी इसी तरह अपने पिता के साथ सो रहे ढाई साल के बच्चे आदित्य का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।