अतीश दीपंकर, भागलपुर। जिले के मधुसुदनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक घर के अंदर लंबे समय से अवैध रूप से संचालित हो रहे जुए के अड्डे का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से जुआ खेल रहे और इसका आयोजन कराने वाले कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से 5.10 लाख रुपये नकद, 13 गड्डी ताश, 5 एटीएम कार्ड और 18 मोबाइल फोन समेत कई अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं।
विशेष टीम का गठन और गुप्त सूचना
मामले की पूरी जानकारी देते हुए सिटी एसपी अतुलेश झा ने रविवार को एक प्रेसवार्ता में बताया कि 8 अगस्त को पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, हसनपुर थाना क्षेत्र में सुनील यादव के घर पर भारी संख्या में लोगों को इकट्ठा कर अवैध रूप से जुआ खिलाया जा रहा था। यह अवैध कारोबार काफी समय से चल रहा था। इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस पूरी छापेमारी का नेतृत्व संबंधित एसडीपीओ ने किया, जिसमें थाना पुलिस के अलावा जिला की डीआईयू (DIU) टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संगठित अपराध के रूप में कार्रवाई
पुलिस की पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। कई आरोपी पहले भी गंभीर अपराधों में संलिप्त रह चुके हैं और जेल जा चुके हैं। इस एंगल को ध्यान में रखते हुए पुलिस इस पूरे मामले को एक संगठित अपराध के रूप में देख रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ कानून की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की गश्त से बचने की चालाकी और सफल योजना
जुए के इस अड्डे का संचालन करने वाले शातिर लोग पुलिस की गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर रखते थे। स्थानीय नागरिकों से भी इस गैरकानूनी गतिविधि की शिकायतें मिल रही थीं। इससे पहले भी गश्ती दल को वहां इस तरह की गतिविधियां होने की आशंका थी, लेकिन समस्या यह थी कि जैसे ही पुलिस की गाड़ी या गश्ती दल वहां पहुंचता था, आरोपी या तो मौके से फरार हो जाते थे या जुआ बंद कर पुलिस के जाते ही दोबारा शुरू कर देते थे।
इस बार पुलिस ने इस चालाकी को नाकाम करने के लिए पूरी योजना बनाई। जिला आसूचना इकाई की मदद से पुख्ता जानकारी जुटाई गई और एक विशेष टीम ने सुनियोजित तरीके से छापा मारा, जिससे आरोपी भागने का मौका नहीं पा सके और रंगे हाथों धरे गए।


