चंडीगढ़। पंजाब की सियासत में सोमवार को उस वक्त बड़ा धमाका हुआ जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम लिया। चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

ज्ञान सिंह मान का भाजपा में जाना ‘आप’ के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से पार्टी के कई बड़े चेहरे साथ छोड़ चुके हैं। गौर हो कि पिछले महीने ही सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा का हाथ थामा था। इनके अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल जैसे नेता भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे पंजाब की राजनीति में भारी हलचल है।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

अपने परिवार और पार्टी में हुई इस सेंधमारी पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मान ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी अपने राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर रही है। अब पंजाब सीधे तौर पर भाजपा के निशाने पर है।

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पर घमासान


मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया है जब प्रवर्तन निदेशालय ने कथित 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी जीएसटी लेनदेन मामले में पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद हुई इस कार्रवाई ने सरकार और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ा दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, अरोड़ा पर फर्जी लेनदेन के जरिए सरकारी खजाने को चूना लगाने का आरोप है। वहीं, मुख्यमंत्री मान ने इसे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करार देते हुए कहा कि पंजाब की जनता भाजपा के इन तरीकों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।