चंडीगढ़. सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) राजबीर सिंह घुमन और पांच अन्य आरोपियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और प्रभाव के गलत इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिसमें
मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर घुमन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने राजबीर घुमन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

जानकारी मिली है कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि मामले में दर्ज सीबीआई एफआईआर के तहत कोई भी कठोर कार्रवाई न की जाए। हालांकि, कोर्ट ने एफआईआर पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
जस्टिस एमएम सुंदेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने निर्देश दिया कि मामले में कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। बेंच ने यह भी कहा कि राज्य को जांच में सहयोग करना चाहिए।

आपको बता दें कि बीती कार्रवाई में सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) राजबीर सिंह घुमन और पांच अन्य आरोपियों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और प्रभाव के गलत इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज किया था। अहम बात यह है कि मामला सरकारी ट्रांसफर और पोस्टिंग, टेंडर, पॉलिसी से जुड़े फैसलों, लाइसेंसिंग और ज़मीन से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर दी गई रिश्वत से जुड़ा है। सीबीआई ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर पांच अक्तूबर को एफआईआर दर्ज की थी। इसके विरोध में पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।