कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने एक बार फिर सत्ता पक्ष और निर्दलीय विधायकों की कार्यप्रणाली को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कोई नियम नहीं है कि चुनाव निर्दलीय जीतने वाला विधायक किसी पार्टी का सदस्य नहीं बन सकता। उन्होंने दावा किया कि यदि ऐसे विधायक किसी पार्टी के संपर्क में हैं और इसके पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध हैं, तो उनकी विधानसभा सदस्यता तुरंत रद्द कर दी जानी चाहिए।

​सभापति से की सदस्यता खत्म करने की मांग

​राजद विधायक ने मीडिया के माध्यम से बिहार विधानसभा के सभापति से विशेष अनुरोध किया है कि वे इस मामले का संज्ञान लें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो निर्दलीय विधायक अंदरखाने पार्टियों से जुड़े हुए हैं या समर्थन ले-दे रहे हैं, उनकी सदस्यता समाप्त होनी चाहिए। भाई वीरेंद्र ने बताया कि उनके नेता तेजस्वी यादव ने भी इस गंभीर मुद्दे पर पहले ही सवाल खड़े किए थे और अब वे स्वयं भी इस आवाज को प्रमुखता से उठा रहे हैं ताकि सदन की निष्पक्षता और राजनीतिक शुचिता बनी रहे।

​बीजेपी पर साधा तीखा निशाना

​इस दौरान भाई वीरेंद्र ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा का शाब्दिक और व्यावहारिक अर्थ ही ‘झूठी पार्टी’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी सिर्फ धोखे की राजनीति जानती है और किसी को भी किसी भी समय धोखा दे सकती है। राजद नेता के इस बयान के बाद से बिहार के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से सरगर्मी काफी बढ़ गई है और इस पर पक्ष-विपक्ष की ओर से प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।